क्रिप्टोकरेंसी  क्या है ? क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है ? Top 20 Cryptocurrency

क्रिप्टोकरेंसी क्या है और कैसे काम करती है (What is Cryptocurrency and How it Works ?)

आज हर देश के पास अपनी एक अलग करेंसी है। जिसके द्वारा उस देश के लोग वस्तुओं को खरीदते तथा बेचते हैं। उस देश की करेंसी उस देश के सरकार के द्वारा नियंत्रित की जाती है, अक्सर प्रत्येक देश की करेंसी अलग-अलग होती हैं जैसे भारत का रुपया, अमेरिका का डॉलर। यह सिक्के और नोट एक खास कागज और धातुओं से बने होते हैं। इसी वजह से इस तरह के नोट और सिक्कों को फिजिकल करेंसी कहा जाता है फिजिकल करेंसी का मतलब होता है जिसे आप छू या देख सकते हैं तथा इसे आप अपने साथ कही भी ले जा सकते है। 

लेकिन आज की आधुनिक और तकनीक से भरी इस दुनिया में एक ऐसी भी करेंसी है जिसे न ही किसी सरकार के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है न ही किसी व्यक्ति के द्वारा। और यह करेंसी किसी भी धातु या कागज से नहीं बनी होती है। इसकी लोकप्रियता लोगों में काफी ज्यादा है तो आइए जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी  क्या है और यह क्यों लोगों में इतना लोकप्रिय है ?

क्रिप्टोकरेंसी क्या है

क्रिप्टोकरेंसी  क्या है? (Cryptocurrency Kya Hai)

जैसा कि अपने ऊपर की लेख में जाना की क्रिप्टोकरेंसी  एक डिजिटल करेंसी है। क्रिप्टोकरेंसी  एक डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम पर कार्य करती है। यहां पर डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम का मतलब है एक ऐसी सिस्टम जिसे किसी देश के बैंक या सरकार का अधिकार या नियंत्रण न हो,

जब भी कोई व्यक्ति क्रिप्टोकरेंसी  में लेन-देन करता है तो उस प्रत्येक लेन देन का वेरिफिकेशन एक सिग्नेचर के द्वारा होता है। इस सिग्नेचर को क्रिप्टोकरेंसी  की भाषा में डिजिटल सिग्नेचर कहा जाता है, और उस लेन देन के वेरिफिकेशन की रिकॉर्ड को  क्रिप्टोग्राफी की मदद से सुरक्षित रखा जाता है। यदि हम इसे आसान भाषा में कहें तो क्रिप्टोकरेंसी  blockchain टेक्नोलॉजी पर कार्य करने वाली एक virtual currency है, जिसे क्रिप्टोग्राफी की तकनीक से इसके लेन देन के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाता है।

वास्तव में देखा जाए तो क्रिप्टोकरेंसी  एक Peer-To-Peer कैश प्रणाली है। जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर काम करती है। प्रत्यक्ष (Physically) रूप से इसका कोई अस्तित्व नहीं है। मतलब इसे देखा और छुआ नहीं जा सकता है, सिर्फ महसूस किया जा सकता है। यह सिर्फ Digits  के रूप में ऑनलाइन रहती है। और cryptocurrency की सबसे खास बात यह है की यह किसी भी देश के बैंक तथा सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है। 

शुरुआती दिनों में इसे illegal करार दिया गया। लेकिन बाद में बिटकॉइन की बढ़ती लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए कई देशों ने इसे लीगल कर दिया और कई देशों ने अभी भी इसे प्रतिबंधित किया है। वर्तमान में देखा जाए तो तो लगभग बीस हजार (20,000) से भी से अधिक क्रिप्टोकरेंसी  विकसित किए जा चुके हैं। गणना के अनुसार अभी तक कुल क्रिप्टोकरेंसी  लगभग 22,904 उपयोग में है।

क्रिप्टोकरेंसी  का उपयोग कैसे होता है? (Cryptocurrency Ka Upyog Kaise Hota Hai)

शुरुआती दिनों में क्रिप्टोकरेंसी  का प्रयोग बहुत ही कम लोग करते थे क्योंकि इसकी तकनीक अधिकतर लोगो को समझ नही आती थी और न ही लोग इस तकनीक पर विश्वाश कर पाते थे। परंतु धीरे-धीरे समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ने लगी। और लोग ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी में रुचि रखने लगे। विश्व में लगभग 20,000 से भी अधिक क्रिप्टोकरेंसी उपलब्ध है। हर हर क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग अलग अलग है जैसे: बिटकॉइन का उपयोग सरकार या किसी बैंक के बिना किसी भी लेन देन को सुरक्षित तरीके से पूरा करना। वही Ethereum coin का कार्य decentralized ऐप्स को बनाना और उसके डेटा को सुरक्षित रखना इसी प्रकार से हर क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग अलग- अलग है। बहुत सारे युवा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते है और कुछ इसमें ट्रेडिंग करके पैसे कमाते हैं। 

हम सभी जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी  एक वर्चुअल करेंसी है, जिसे देखा और छुआ नहीं जा सकता। इसलिए क्रिप्टोकरेंसी  को नोट और सिक्कों के रूप में प्रिंट नहीं किया जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी  को तिजोरी में नहीं रख सकते और न ही किसी बैंक के लॉकर में रख सकते हैं। क्योंकि यह ऑनलाइन digits के रूप में रहती हैं। लेकिन फिर भी मार्केट में इसका उपयोग अलग-अलग तरीके से होता है है। मतलब क्रिप्टोकरेंसी  से आप किसी सामान को खरीद एवं बेच सकते हैं। इसका उपयोग करके आप अपने मनचाहे क्रिप्टोकरेंसी  में इन्वेस्ट कर सकते हैं या ट्रेडिंग कर सकते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी  वैल्यू (Cryptocurrency Value)

क्रिप्टोकरेंसी  की वैल्यू फिजिकल करेंसी अर्थात आज के समय मे प्रचलित नोट एवं सिक्कों की तुलना में बहुत ज्यादा है। कुछ टॉप Cryptocurrencies की वैल्यू डॉलर से भी हजारों गुना अधिक है। इसकी विशेषताओं में एक कमी यह है की इसकी वैल्यू स्थिर नहीं रहती है। मतलब क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में क्रिप्टो कॉइन बहुत तेजी के साथ घटता बढ़ता रहता है जिससे इसकी वैल्यू एक जैसी नहीं रहती है, और बदलती रहती है।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करता है? (Cryptocurrency Kaise Kaam Karta Hai)

क्रिप्टोकरेंसी  वास्तव में ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करती है। मतलब इसमें सभी करेंसी धारकों के लेनदेन का प्रत्यक्ष एवं सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड रखा जाता है। इसको पावरफुल जटिल एवं शक्तिशाली क्रिप्टोग्राफी कंप्यूटर एल्गोरिथ्म द्वारा इसकी देखरेख एवं सुरक्षा की जाती है। जिसे क्रिप्टोकरेंसी  माइनिंग कहा जाता है, और जिनके द्वारा यह माइनिंग की जाती है उन्हें माइनर्स कहा जाता है।

जब कभी भी क्रिप्टोकरेंसी  में क्रिप्टो कॉइन का लेन-देन होता है। तो उसकी जानकारी ब्लॉकचेन के  बहीखाते में रिकॉर्ड किया जाता है। मतलब उसे एक ब्लॉक में रखा जाता है। इन ब्लॉक की इंक्रिप्शन एवं सिक्योरिटी क्रिप्टोग्राफी एल्गोरिथ्म के अंतर्गत होती हैं।

ब्लॉक को माइनिंग करने के लिए माइनर्स को एक कॉम्प्लिकेटेड क्रिप्टोग्राफिक मैथमेटिकल पजल को साल्व करके ब्लॉक के लिए उचित Hash (एक प्रकार का कोड) को ढूंढना पड़ता है। जब कोई माइनर सही Hash ढूंढकर ब्लॉक को सुरक्षित कर देता है तो उसे ब्लाकचैन में जोड़ दिया जाता है। प्राप्त Hash को नेटवर्क में मौजूद अन्य Nodes द्वारा उसे वेरीफाई किया जाता है जब प्राप्त ब्लॉक पूरी तरह से सिक्योर एवं सही पाया जाता है। तब उसे ढूंढ कर सिक्योर करने वाले माइनर को रिवॉर्ड के रूप में क्रिप्टो कॉइन दिए जाते हैं, जिसे Proof of work कहा जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी  के फायदे क्या है?(Cryptocurrency Ke Fayde Kya Hai)

  • क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है इसलिए इसमें फ्रॉड होने का विकल्प न के बराबर है।
  • क्रिप्टोकरेंसी पर किसी भी देश के सरकार या केंद्रीय एवं वित्तीय बैंकों का नियंत्रण नहीं होता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना एवं बेचना तथा इन्वेस्ट करना बहुत ही आसान है।
  • क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन पब्लिक हवाई खाते में रिकॉर्ड होते हैं जो किसी भी व्यक्ति के द्वारा देखा जा सकता है। जिससे Fraud होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
  • इसमें ट्रांजैक्शन आसानी से एवं कम समय में हो जाता है। तथा खर्च भी कम होता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी आधुनिक तकनीक से बनाया गया है जिससे इसमें लेनदेन की सुरक्षा भी बढ़ जाती है।

क्रिप्टोकरेंसी  के नुकसान क्या है?(Cryptocurrency Ke Nuksan Kya Hai)

  • क्रिप्टोकरेंसी पर किसी देश के सरकार या केंद्रीय अथॉरिटी ना होने के कारण अभी भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसमें काफी अनिश्चिता बनी हुई है।
  • क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस तेजी से घटने बढ़ने  के कारण क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती है जिसकी वजह से लोगों को नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी एक वर्चुअल करेंसी होने के कारण इसका प्रयोग कुछ निश्चित मामलों में जैसे किसी आवश्यक वस्तु को खरीदने में वास्तविक धन के रूप में नहीं किया जा सकता है।
  • कभी-कभी क्रिप्टो वॉलेट में कुछ तकनीकी समस्याएं आ जाते हैं। जैसे- बार-बार पासवर्ड रिसेट करने की जरूरत, कंप्यूटर में वायरस आ जाने से भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी में क्रिप्टो वॉलेट का पासवर्ड अगर आप खो देते हैं तो उस वॉलेट में स्थित सभी क्रिप्टोकरेंसी खो सकते हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है, इसलिए इसे हैक भी किया जा सकता है।

Top 20 Cryptocurrency List

  • Bitcoin (BTC)
  • Ethereum (ETH)
  • Tether (USDT)
  • Binance (BNB)
  • USD Coin (USDC)
  • XRP (XRP)
  • Cardano (ADA)
  • Dogecoin (DOGE)
  • Polygon (MATIC)
  • Solana (SOL)
  • Polkadot (DOT)
  • Litecoin (LTC)
  • Binance USD (BUSD)
  • Shibu Inu (SHIB)
  • Avalanche (AVX)
  • TRON (TRX)
  • Dai (DAI)
  • Wrapped Bitcoin (WBTC)
  • Chainlink (LINK)
  • Uniswap (UNI)

क्या क्रिप्टोकरेंसी  लीगल है? (Kya Cryptocurrency Legal Hai)

इस सवाल का जवाब हां भी हो सकता है, और नहीं भी। क्रिप्टोकरेंसी  की कानूनी वैधता अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरह से हैं। कुछ देशों में क्रिप्टोकरेंसी  पूरी तरह से कानूनी एवं वैध है। वहीं कुछ देशों में पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

अलग-अलग देश अलग-अलग तरीके से क्रिप्टोकरेंसी  को देख रहे हैं, और उस पर काम कर रहे हैं। कुछ देश जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका और बहुत सारे देश क्रिप्टोकरेंसी  को एक नियमित ढांचा देना शुरू कर दिये हैं। जबकि अभी भी बहुत सारे देश क्रिप्टोकरेंसी  को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के पक्ष में है।

क्रिप्टोकरेंसी  की वैधता एवं कानूनी स्थिति को समझने से पहले यह जरूरी है कि आप यह जान लें कि आपके देश में क्रिप्टोकरेंसी  की कानूनी स्थिति एवं वैधता का क्या स्थान है। या आपके देश की सरकार क्रिप्टोकरेंसी  के बारे में क्या सोचती है।

क्या भारत में क्रिप्टोकरेंसी  लीगल है? (Kya Bharat Mein Cryptocurrency Legal Hai)

कुछ समय से भारत में क्रिप्टोकरेंसी  बाजार में काफी वृद्धि देखी जा रही हैं। लेकिन अस्थिर, अनियमित, एवं अनिश्चितता के कारण साल 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी  या वर्चुअल करेंसी भारत में मान्य नहीं है। परंतु इन क्रिप्टोकरेंसी  वर्चुअल करेंसी पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक में घोषणा भी किया कि भारत में वैध मुद्रा (रुपए) को डिजिटल करेंसी के रूप में लांच कर सकता है।

हालांकि इसके 2 साल बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी  से संबंधित इन्वेस्टिंग, ट्रेडिंग, उपयोग एवं माइनिंग पर जुर्माना या 10 वर्ष तक की जेल या दोनों दंड घोषित कर दिया।

परंतु वर्ष 2022 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा क्रिप्टोकरेंसी  पर लगाए गए सभी प्रतिबंध को पूरी तरह से हटा दिया।

क्रिप्टोकरेंसी  का भविष्य क्या है? (Cryptocurrency Ka Bhavishya Kya Hai)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी  हर समय बढ़ती और घटती रहती है तथा इसके उपयोग से संबंधित बहुत सारे फायदे और नुकसान भी हैं। हालांकि कई देश एवं निजी संस्थान इसे एक नियमावली के अनुसार काम करने एवं किसी क्षेत्र में निवेश और व्यापार करते समय होने वाली परेशानियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। कई देशों के सरकारों ने तो इसे एक नियमित ढांचा देना शुरू भी एमकर दिया है। यह भविष्य में एक डिजिटल करेंसी विकसित करने की सोच को दर्शाता है।

क्रिप्टोकरेंसी  पर कोई भी कानून सोच समझकर और उचित मापदंडों एवं दिशानिर्देशों के साथ लागू करना होगा। जिसके अंतर्गत चोरी करने की संभावना बहुत कम हो जाए और करेंसी के लेन देन (खरीदना और बेचना) को भी बढ़ावा मिले। क्रिप्टोकरेंसी  से भविष्य की बहुत सी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आम बाजार भी पूरी तरह से डिजिटल रूप में बदल जाएगा। यह व्यापार और निवेश के लिए आसान होता चला जाएगा।

कुछ लोगों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी  एक्सचेंज मार्केट पूरी तरह से सेंट्रलाइज और डिजिटल हो जाएंगे। यह सब केवल और केवल क्रिप्टोकरेंसी  की सहायता से ही हो सकता है। यूजर को भविष्य में आसानी से पैसे प्राप्त हो सकेंगे, क्योंकि यह माइक्रोफाइनेंस को अधिक बढ़ावा देगा।

क्या क्रिप्टो का भारत में भविष्य है? (Kya Cripto Ka Bharat Mein Bhavishya Hai)

हालांकि यह बात भी सही है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी  से संबंधित कोई भी नियमावली नहीं बनाई गई है। अत: क्रिप्टोकरेंसी  भारत में अभी भी अनिश्चित रूप में है। परंतु भारत सरकार का यह कहना है कि सरकार उद्योग एवं व्यवसाय के लिए विनियमित ढांचा विकसित कर रही है।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी  के बारे में यह माना जा रहा है कि अगले 5 वर्षों तक, भारत की अर्थव्यवस्था अभी क्रिप्टोकरेंसी  के लिए तैयार नहीं है। क्योंकि भारत की सभी प्रक्रियाएं लंबी होती हैं। भारत के अर्थव्यवस्था को एक कुशल एवं शिक्षित नियमावली की आवश्यकता है जो क्रिप्टोकरेंसी  से संबंधित डिजिटल नेटवर्क को जल्दी से जल्दी समाज और अपना सके तथा पारदर्शिता को बढ़ा सकें।

भारत की सबसे बड़ी वित्तीय संस्थान भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय करेंसी मार्केट में क्रिप्टोकरंसी को लाने को लेकर अभी भी संदेह में है। यह सब क्रिप्टोकरेंसी  की कीमत में अस्थिरता के कारण है। इस प्रकार भारत में क्रिप्टोकरेंसी  का भविष्य सरकार और अन्य वित्तीय संस्थाओं के द्वारा तय किया जाना बाकी है।

भारत में कितने लोगों ने क्रिप्टो में निवेश किया है? (Bharat Mein Kitne Logon Ne Cripto Mein Nivesh Kiya Hai)

वैसे तो भारत में क्रिप्टोकरेंसी  से संबंधित भविष्य अभी भी संदेश के घेरे में है। भारत में क्रिप्टोकरेंसी  का भविष्य अभी तक अस्थिरता के साथ-साथ अनिश्चित भी है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी  के दिन प्रतिदिन अत्यधिक लोकप्रिय होने के कारण कुछ समय से भारतीय निवेशकों और व्यापारियों में डिजिटल संपत्ति की तरफ रूचि बढ़ती हुई देखी जा रही है। और इसीलिए भारतीय निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी  में भाग लेने में कोई डर नहीं लग रहा है।

नीचे भारत में प्रमुख कुछ क्रिप्टो निवेशकों के नाम दिए जा रहे हैं-

  • Neeraj Khandelwal
  • Naval Ravikant
  • Aditya Singh
  • Tanvi Ratna
  • Nischal Shetty
  • Abhyudoy Das
  • Vani Kola
  • Kalaari Capital
  • Naimish Sanghvi

क्रिप्टोकरेंसी  से क्या खतरा है? (Cryptocurrency Se Kya Khatra Hai)

निवेश का खतरा: हम सभी जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी  में निवेश करने पर या ज्यादा रिटर्न और प्रॉफिट मिलता है। परंतु बाजार में इसका ज्यादा उतार-चढ़ाव अधिक होने के कारण क्रिप्टोकरेंसी  मार्केट कभी-कभी क्रैश भी हो जाता है। जो निवेशकों के लिए एक बहुत ही बड़ा खतरा है।

हैक होने का खतरा: वैसे देखा जाए तो क्रिप्टोकरेंसी  बहुत ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी  मार्केट में क्रिप्टोकरेंसी  एक्सचेंज ज्यादा सुरक्षित नहीं है। अधिकतर क्रिप्टोकरेंसी  एक्सचेंजर यूजर के वालेट डेटा को यूजर के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के उद्देश्य से संग्रहित करते हैं। यह डेटा कभी-कभी हैकर्स के द्वारा एक्सेस कर लिए जाते हैं। और उसमें से फंड को अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

पिछले वर्षों में कुछ एक्सचेंजर जैसे बिटफाइनेक्स या माउंट गोक्स कि डाटा को हैकर्स के द्वारा हैक कर लिया गया था। और हजारों बिटकॉइन की चोरी हो गई थी। अधिकांश एक्सचेंजर आजकल अत्यधिक सुरक्षित नेटवर्क एवं टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रहे हैं परंतु कंप्यूटरीकृत होने के कारण हैक करने की संभावना हमेशा बनी रहती हैं।

डेटा खो देने का खतरा: हालांकि क्रिप्टोकरेंसी  डेवलपर्स के द्वारा क्रिप्टोकरेंसी  को लगभग पूरी तरह से हैकिंग प्रूफ एवं डाटा के ट्रेसिंग से संबंधित सभी टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके क्रिप्टोकरेंसी  को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। जो क्रिप्टोकरेंसी  वॉलेट को पूरी तरह से सुरक्षित बना देता है। परंतु कभी-कभी यूजर के द्वारा अपने वॉलेट के पासवर्ड को खो देने के बाद उसे वापस नहीं मिल पाता है, और क्रिप्टो वॉलेट बंद हो जाता है। और उसके अंदर यूजर के जितने भी क्वाइन मौजूद होते हैं वह उन कॉइंस को खो देता है। जिसके परिणाम स्वरूप यूजर को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
ऊर्जा की अत्यधिक खपत: क्रिप्टो कॉइन के माइनिंग में बहुत ही ज्यादा मात्रा में बिजली से चलने वाले संसाधन एवं उपकरणों की आवश्यकता होती है, जिसमें ऊर्जा के अत्यधिक मात्रा की खपत होती है। बिजली एवं ऊर्जा को बनाने में कोयला, जल एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है। यदि क्रिप्टो कॉइन के माइनिंग में ऊर्जा की यही मात्रा खपत होगी, तो आने वाले समय में ऊर्जा समाज के लिए एक चिंता का विषय बन जाएगा।

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