उपसर्ग किसे कहते हैं , परिभाषा व 3 भेद – कक्षा 5,6,7,8,9,10 वालो के लिए

नमस्कार दोस्तों, आज की इस लेख में आप सभी को उपसर्ग के बारे में बताया जायेगा। आज की इस लेख में आपको उपसर्ग की परिभाषा, उपसर्ग किसे कहते हैं उपसर्ग के प्रकार, उपसर्ग के भेद के बारे में जानेंगे।यह लेख आपको उपसर्ग के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

उपसर्ग की परिभाषा

उपसर्ग किसे कहते हैं
उपसर्ग किसे कहते हैं

उपसर्ग की परिभाषा: उपसर्ग दो शब्दों से मिलकर बनता है। उप+सर्ग यहां उप का अर्थ होता है कमी समीप तथा स्वर्ग का अर्थ होता है सृष्टि करना या नए शब्द बनाना। जब किसी शब्द के शुरुआत में कोई शब्दांश जुड़कर उसके अर्थ को बदल दे या शब्द में कुछ विशेषता प्रदान करें ऐसे शब्दों को उपसर्ग कहते हैं। आइए इन्हें निम्न उदाहरण से समझते हैं।

उदाहरण: हार एक ऐसा शब्द है जिसका अर्थ होता है पराजय होना या हारना; लेकिन इस शब्द आगे आ जोड़ देने से यह शब्द आहार में बदल जाएगा। आहार शब्द का अर्थ होता है भोजन।

उपसर्ग किसे कहते हैं

जब कोई शब्दांश मूल शब्द के आरंभ में जुड़ कर उसके अर्थ को परिवर्तित कर दें या फिर अर्थ में कुछ विशेषता प्रदान कर दें ऐसे शब्द को हम उपसर्ग कहते हैं। उपसर्ग सार्थक नहीं होते इसलिए इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकता।

जैसे: अतिप्रिय, अत्यंत, अधिकार, अधिग्रहण, अपकार, अपमान, अवगुण, अवनति, इत्यादि इन शब्दों में आप यह देख पा रहे होंगे कि प्रारंभ में कुछ शब्दांश को जोड़ देने से उनके अर्थ में परिवर्तन हो जा रहा है। अतः इस प्रकार के शब्दों को हम उपसर्ग कहते हैं।

उपसर्ग की कुछ विशेषताएं:

उपसर्ग की तीन विशेषताएं होती हैं जो कि निम्न है।

  • उपसर्ग का प्रयोग शब्द के अर्थ में नई विशेषता लाने के लिए किया जाता है।
  • शब्द के अर्थ को उलट देना उपसर्ग कई बार शब्द के अर्थ को उलट देता है अर्थात उनके अर्थ को पूरी तरह से बदल देता है।
  • कई बार उपसर्ग का प्रयोग करके हम उस शब्द को कोई कोई खास अर्थ प्रदान नहीं करते हैं बल्कि उनके मूल अर्थ को भी इर्द-गिर्द कर देते हैं।

उपसर्ग के भेद / उपसर्ग के प्रकार

अभी तक आपने उपसर्ग की परिभाषा और कुछ उदाहरण समझा अब आप उपसर्ग की परिभाषा तथा प्रकार के बारे में जानेंगे।

  1. संस्कृत के उपसर्ग
  2. हिंदी के उपसर्ग
  3. अंग्रेजी के उपसर्ग
  4. अरबी फारसी के उपसर्ग
उपसर्ग किसे कहते हैं

संस्कृत के उपसर्ग

संस्कृत में 21 उपसर्ग होते हैं। यह हमेशा मूल शब्द के आगे लगते हैं और एक से दो अक्षर लम्बे ही होते हैं। संधि के बाद जो नया शब्द बनता है, वह मूल शब्द में कुछ-न-कुछ विशिष्ट जोड़ देता है। संस्कृत के 21 उपसर्ग, उनके अर्थ

उदाहरण:

अति – अत्यधिक, अत्यंत, अतिरिक्त, अतिशय
अधि – अधिकार, अधिपति, अधिनायक
अनु – अनुचर, अनुकरण, अनुसार, अनुशासन
अप – अपयश, अपमान, अपकार
अभि – अभियान, अभिषेक, अभिनय, अभिमुख
अव – अवगुण, अवनति, अवतार, अवनति
आ – आजीवन, आगमन
उत् – उत्कर्ष, उत्तम, उत्पत्ति
उप – उपदेश, उपवन, उपमंत्री, उपहार
दुर् – दुर्जन, दुर्गम, दुर्दशा, दुराचार
दुस् – दुस्साहस
निर् – निरपराध, निर्जन, निराकार, निर्गुण
निस् – निस्सार, निस्तार, निश्चल, निश्चित
नि – निवारण, निपात, नियोग, निषेध
परा – पराजय, पराभव, परामर्श, पराक्रम
परि – परिजन, परिक्रम, परिपूर्ण, परिणाम
प्र – प्रख्यात, प्रबल, प्रस्थान, प्रकृति
प्रति – प्रतिकूल, प्रत्यक्ष, प्रतिक्षण, प्रत्येक
वि – विदेश, विलाप, वियोग, विपक्ष
सम् – संस्कार, संगम, संतुष्ट, संभव
सु – सुजन, सुगम, सुशिक्षित, सुपात्र

हिंदी के उपसर्ग

हिंदी के उपसर्ग 12 प्रकार के होते है।

अ– अछूता, अथाह, अटल
अन– अनमोल, अनबन, अनपढ़
कु– कुचाल, कुचैला, कुचक्र
दु– दुबला, दुलारा, दुधारू
नि– निगोड़ा, निडर, निहत्था, निकम्मा
औ– औगुन, औघर, औसर, औसान
भर– भरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार
सु– सुडौल, सुजान, सुघड़, सुफल
अध– अधपका, अधकच्चा, अधमरा, अधकचरा
उन– उनतीस, उनसठ, उनहत्तर, उंतालीस
पर– परलोक, परोपकार, परसर्ग, परहित
बिन– बिनब्याहा, बिनबादल, बिनपाए, बिनजाने

अंग्रेजी के उपसर्ग

अंग्रेजी के उपसर्ग 6 प्रकार के होते है|

सब– सब-जज सब-कमेटी, सब-इंस्पेक्टर
डिप्टी– डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-रजिस्ट्रार, डिप्टी-मिनिस्टर
वाइस– वाइसराय, वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसीडेंट
जनरल– जनरल मैनेजर, जनरल सेक्रेटरी
चीफ़– चीफ़-मिनिस्टर, चीफ़-इंजीनियर, चीफ़-सेक्रेटरी
हेड– हेडमास्टर, हेड क्लर्क

अरबी-फारसी के उपसर्ग

अरबी – फारसी के उपसर्ग 12 प्रकार के होते है।
कम– कमज़ोर, कमबख़्त, कमअक्ल
खुश– खुशनसीब, खुशखबरी, खुशहाल, खुशबू
गैर– गैरहाज़िर, गैरक़ानूनी, गैरमुल्क, गैर-ज़िम्मेदार
ना– नापसंद, नासमझ, नाराज़, नालायक
ब– बनाम, बदौलत, बदस्तूर, बगैर
बा– बाकायदा, बाइज्ज़त, बाअदब, बामौका
बद– बदमाश, बदनाम, बदक़िस्मत,बदबू
बे– बेईमान, बेइज्ज़त, बेचारा, बेवकूफ़
ला– लापरवाह, लाचार, लावारिस, लाजवाब
सर– सरताज, सरदार, सरपंच, सरकार
हम– हमदर्दी, हमराह, हमउम्र, हमदम
हर– हरदिन, हरसाल, हरएक, हरबार

उपसर्ग से जुड़े कुछ प्रश्न

प्रश्न: उपसर्ग की परिभाषा क्या हैं?

उत्तर: जब किसी शब्द के शुरुआत में कोई शब्दांश जुड़कर उसके अर्थ को बदल दे या शब्द में कुछ विशेषता प्रदान करें ऐसे शब्दों को उपसर्ग कहते हैं। आइए इन्हें निम्न उदाहरण से समझते हैं।

प्रश्न: उपसर्ग की कौन कौन सी विशेषताएं हैं?

उत्तर: उपसर्ग का प्रयोग शब्द के अर्थ में नई विशेषता लाने के लिए किया जाता है।
शब्द के अर्थ को उलट देना उपसर्ग कई बार शब्द के अर्थ को उलट देता है अर्थात उनके अर्थ को पूरी तरह से बदल देता है।
कई बार उपसर्ग का प्रयोग करके हम उस शब्द को कोई कोई खास अर्थ प्रदान नहीं करते हैं बल्कि उनके मूल अर्थ को भी इर्द-गिर्द कर देते हैं।

इससे सम्बंधित लेख:

समास किसे कहते हैं
क्रिया किसे कहते हैं

इस लेख के बारे में:

उम्मीद करता हूँ की आपको यह दी गयी जानकारी लेख (उपसर्ग किसे कहते हैं) के माध्यम से पसंद आई होगी। अगर इस लेख से जुड़े आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो आप हमे कमेंट कर सकते है। अगर आपका कोई सवाल इंग्लिश से हो तो आप हमे अपना प्रश्न Comment करके पूछ सकते है। ऐसे ही लेख और जानकारियाँ प्राप्त करने के लिए आप हमारे ब्लॉग को प्रतिदिन visit कर सकते है या नए पोस्ट की जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे ब्लॉग को suscribe भी कर सकते है। धन्यवाद

Leave a Comment