शेयर मार्केट क्या है ( Share Market Kya Hai )

अगर आप किसी कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले शेयर मार्केट को सही तरह से समझने की आवश्यकता है। क्योंकि किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट से पहले शेयर मार्केट को समझना अति आवश्यक है। आज के इस लेख में हम आपको शेयर मार्केट से संबंधित सभी सवालों के जवाब बहुत ही सरल एवं आसान शब्दों में देंगे। 

इस लेख को पढ़ने के बाद अगर कोई व्यक्ति Beginner भी है तो उसे शेयर मार्केट के ए टू जेड जानकारी मिल जाएगी। तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की शेयर मार्केट क्या है (Share Market Kya Hai )

Share Market Kya Hai
Share Market Kya Hai

शेयर मार्केट क्या है ( Share Market Kya Hai)

शेयर बाजार एक ऐसा बाजार है जहां BSE (Bombay Stock Exchange) या NSE (National Stock Exchange) में लिस्टेडी कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। आमतौर पर बाजार का मतलब ऐसी जगह से होता है जहां चीजों या वस्तुओं को खरीदा या बेचा जाता है। इसी प्रकार शेयर बाजार एक ऐसी जगह है जहां बहुत सारी कंपनियां लिस्टेड होती हैं। शेयर मार्केट सबसे आम एवं सरल तरीकों में से एक है जिसके माध्यम से लोग किसी कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करते हैं। इन्वेस्टर्स शेयर मार्केट से अधिकतम प्रॉफिट अर्जित करने की आशा से किसी कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करते हैं।

कहीं ना कहीं शेयर मार्केट के इतिहास में ऐसा हुआ भी है कि शेयर मार्केट, इन्वेस्टर्स को लॉन्ग टर्म में अच्छा प्रॉफिट देती है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए साल 2011-2020 के बीच भारत के बेंचमार्क इंडेक्स के निफ़्टी 50 ने 8.81% प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर प्रदान किया। मतलब अगर किसी इन्वेस्टर ने 2011मे भारत के बेंचमार्क इंडेक्स के निफ़्टी 50 में ₹5000 इन्वेस्ट किया होता तो 2020 में उसे 11,630 मिलते।

इसी अवधि के दौरान BCE सेंसेक्स इंडेक्स ने 11.12% प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर प्रदान किया। मतलब अगर किसी इन्वेस्टर ने साल 2011 में BCE सेंसेक्स इंडेक्स के निफ्टी 50 में ₹5000 इन्वेस्ट किया होता तो साल 2020 में उसे 14350 रुपए मिलते।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शेयर मार्केट को समझना इतना आसान है? जी नहीं, शेयर मार्केट को पूरी तरह से समझने के लिए आपको शेयर मार्केट के कुछ बेसिक टर्म्स एवं गाइडलाइन को समझना बहुत जरूरी है। जैसे मान लीजिए SEBI क्या है? शेयर मार्केट में इसकी क्या भूमिका है? तो आइए जानते हैं SEBI क्या है?

SEBI क्या है?

भारतीय सुरक्षा एक्सचेंज बोर्ड का मुख्य कार्य शेयर मार्केट में होने वाले अनुचित व्यापार, दुर्व्यवहार को रोकना एवं नियंत्रित करना तथा शेयर मार्केट में संतुलन को स्थापित करना है।

शेयर मार्केट की शुरुआत कैसे करें Share market for beginners

अगर आप शेयर मार्केट में नए हैं तथा स्टॉक मार्केट और शेयर मार्केट को समझना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए। तो चलिए शेयर एक उदाहरण के मदद से हम यह समझने का प्रयास करते हैं कि शेयर बाजार में अपना पहला कदम कैसे रखें-

मान लीजिए मैंने एक कंपनी शुरू की। कुछ सालों के बाद कंपनी ने अच्छा प्रॉफिट भी कमाया। अब मुझे अपनी कंपनी को और अधिक एक्सपेंड करने के लिए दस लाख रुपए की आवश्यकता है लेकिन मेरे पास सिर्फ 3 लाख रुपए ही हैं। तो मेरे पास दो रास्ते हैं पहला यह कि इस 7 लाख की धनराशि को अपनी फैमिली या फ्रेंड से मांग लू। तो आपको भी पता है कि कोई भी फैमिली या फ्रेंड इतनी बड़ी धनराशि को देना नहीं चाहेगा।

और दूसरा रास्ता है कि मैं बैंक से लोन लूं। लेकिन लोन का ब्याज इतना ज्यादा होता है उसे मौजूदा हालत में चुका पाना लगभग असंभव है। तो ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए।

ऐसी स्थिति में एक तरीका है और वह तरीका है कि मैं अपनी कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्टेड करवा दूं और कंपनी के शेयर को बाजार में जारी करूं। और जब लोग मेरी कंपनी के शेयर को खरीदेंगे तो उससे प्राप्त धनराशि से अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करूं।

परंतु अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है की किसी कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट कैसे करते हैं? तो आइए जानते हैं कि-

किसी भी कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्ट कैसे करें

अगर आपको अपनी कंपनी को एक्सपेंड करने के लिए फंड की जरूरत है पर आपके पास फंड नहीं है। तो आप अपनी कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफार्म BSE (Bombay Stock Exchange) या NSE (National Stock Exchange) में अपनी कंपनी को लिस्टेड करा कर अपनी कंपनी के कुछ शेयर को मार्केट में बेचकर उससे प्राप्त धनराशि से आप अपनी आवश्यकता पूरी कर सकते हैं।

वर्तमान में BSE (Bombay Stock Exchange) मैं लगभग 4000 से भी ज्यादा कंपनियां तथा NSE (National Stock Exchange) में लगभग 1500 या उससे अधिक कंपनियां लिस्टेड है।

कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्ट करने की पूरी प्रक्रिया

  • अगर आपको अपनी कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराना है तो सबसे पहले आपको SEBI के ऑफिशियल वेबसाइट जाना होगा।
  • ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आपको अपनी कंपनी से संबंधित सभी डिटेल भरने होंगे।
  • फिर SEBI आपकी कंपनी की डिटेल को रिव्यू करके वेरीफाई करेगा।
  • डिटेल वेरीफाई करने के बाद अगर SEBI को लगता है कि आपकी कंपनी में SEBI के रूल्स एंड रेगुलेशन पर कार्य कर रही है तो आपकी कंपनी को अप्रूवल मिल जाएगा।

अगर कोई स्टॉक एक्सचेंज मार्केट में लिस्टेड कंपनी अपने शेयर को पहली बार शेयर मार्केट में लॉन्च करती है तो इसे IPO यानी Initial Public Offering कहते हैं।

अप्रूवल मिलने के बाद आप पहली बार अपनी कंपनी के शेयर मार्केट में लांच करने जा रहे हैं तो इस दशा में आप अपनी कंपनी के कितनी शेयर, मार्केट में लांच करेंगे। आइए इसके बारे में उदाहरण के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं।

मान लीजिए आपको अपनी कंपनी को बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपए की जरूरत है। तो आपको एक शेयर की कीमत ₹100 रूपये के हिसाब से 10 हजार शेयर या आवश्यकतानुसार उससे कुछ अधिक, मार्केट में लांच करना चाहिए। इस प्रकार जब लोग आपके शेयर को खरीदना शुरू कर देंगे तो आपको आवश्यकतानुसार धनराशि की प्राप्त हो जाएगी।

शेयर मार्केट के फायदे क्या है?

  • दूसरे निवेशकों जैसे बैंक एफडी आदि की तुलना में शेयर मार्केट में कम समय में ही अधिक लाभ मिलता है।
  • जब आप शेयर मार्केट में किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो आप उस कंपनी के आंशिक हिस्सेदार बन जाते हैं।
  • शेयर मार्केट में शेयर निश्चित अवधि के लिए फिक्स नहीं होते हैं। इन्हें आप जब चाहे खरीद और बेच सकते हैं।
  • चूंकि शेयर मार्केट पूरी तरह से SEBI के नियम और शर्तें पर कार्य करता है। जिससे फ्रॉड होने की संभावना कम हो जाती है।
  • अगर आप किसी कंपनी में लंबे समय के लिए निवेश करते हैं,  तो आपको प्राप्त डिविडेंड एवं अन्य लाभ कम टैक्स देना पड़ता है।

शेयर मार्केट के नुकसान क्या है?

  • शेयर मार्केट अस्थिर मार्केट है। क्योंकि इसमें शेयरों में उतार-चढ़ाव कभी भी हो सकता है। जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है
  • शेयर मार्केट में निवेश कभी-कभी बहुत रिस्की हो जाता है जब कोई प्राकृतिक आपदा आ जाती है।
  • जब कोई कंपनी पूरी तरह से बंद होती है तो कंपनी अपनी प्राथमिक जरूरत हो जैसे मौजूदा लोन को भरने के बाद निवेशकों का पैसा देती है जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
  • कुछ निदेशक कंपनी के इतिहास को चेक किए बिना कंपनी के शेयर खरीद लेते हैं और जब किसी कारणवश शेर गिरने लगता है तो जल्दी-जल्दी शेयर को कम कीमत पर बेच देते हैं। जिसके कारण होना है भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है।

शेयर क्या होता है?

शेयर शब्द से मतलब किसी कंपनी में हिस्सेदारी या साझेदारी से होता है। अगर आपने किसी कंपनी के शेयर को खरीदा है तो इसका मतलब यह है कि आप उस कंपनी के कुछ हिस्से के मालिक हैं।

अगर वह कंपनी भविष्य में प्रॉफिट कमाती है तो आपको फायदा होगा और अगर व कंपनी लॉस में जाती है आपको नुकसान होगा।

चलिए इस बात को और आसान करने के लिए उदाहरण देखते हैं-

मान लीजिए आपने किसी कंपनी के 2000 शेयर खरीदा। उसके 2 साल बाद कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ गई तो आपको फायदा होगा और अगर मान लीजिए कि कंपनी के शेयर की कीमत गिर गई तो आपको नुकसान होगा।

अब आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा कि शेयर की कीमत कैसे घटती या बढ़ती है? तो आइए जानते हैं

शेयर की कीमत कैसे घटती या बढ़ती है?

आमतौर पर देखा जाए तो शेयर मार्केट में किसी भी कंपनी के शेयर की कीमत डिमांड और सप्लाई के आधार पर घटती या बढ़ती है। मतलब अगर किसी कंपनी के शेयर की मार्केट में डिमांड अधिक और सप्लाई कम होती है तो उसके शेयर की कीमत  बढ़ जाती है। ठीक इसके विपरीत और घर किसी कंपनी के शेयर की मार्केट में डिमांड कम और सप्लाई अधिक होती है तो उसके शेयर की कीमत घट जाती हैं।

चलिए एक उदाहरण के द्वारा डिमांड और सप्लाई को समझते हैं कि यह कैसे काम करती है?

मान लीजिए आप किसी पेंटिंग की नीलामी में गए है। और वहां पर केवल एक ही पेंटिंग है। और उसे खरीदने वाले लोग बहुत सारे हैं। तो उसकी कीमत बहुत ज्यादा हो जाएगी। लेकिन ठीक इसके विपरीत मान लीजिए पेंटिंग की नीलामी में, पेंटिंग बहुत सारे हैं और खरीदने वाले बहुत कम, तो इस अवस्था में पेंटिंग की कीमत कम हो जाएगी।

शेयर कैसे खरीदे और बेचे जाते हैं?

शेयर बाजार में शेयर की नीलामी होती है मतलब शेयर को खरीदने या बेचने के लिए लोगों के द्वारा बोलियां लगाई जाती हैं। इसमें किसी कंपनी के शेयर तब खरीदे या बेच दिये जाते हैं, जब बेचने वाला शेयर की कीमत अपने अनुसार अधिक से अधिक रखता है और खरीदने वाला उसकी कीमत अपने अनुसार कम से कम रखता है और जब दोनों एक कीमत पर सहमत हो जाते हैं तब कंपनी के शेयर खरीदे या बेच दिये जाते हैं।

किसी कंपनी द्वारा अपने शेयर की जितनी कीमत मांगी जाती है उसे Bid Price कहते हैं, तथा खरीदने वाले व्यक्ति जितनी कीमत पर शेयर खरीदने को तैयार होता है उसे Ask Price कहते हैं।

उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी कंपनी ने अपने शेयर को बेचने के लिए ₹100 प्रति शेयर मार्केट में लांच किया, तो कंपनी के द्वारा ₹100 प्रति शेयर की कीमत Bid Price कही जाएगी और मान लीजिए लोग उस शेर को ₹150 प्रति शेयर खरीद रहे हैं तो वह Ask Price कही जाएगी।

किसी कंपनी का शेयर कैसे खरीदें?

किसी कंपनी के शेयर को खरीदने के लिए निवेशक के पास 3 अकाउंट की जरूरत पड़ती है।

  • Bank Account
  • Demat Account
  • Trading Account

Bank Account

अगर आप किसी कंपनी के शेयर खरीदना चाहते हैं तो आपके पास किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में एक अकाउंट होना चाहिए। जिससे आप पेमेंट का लेनदेन कर सकें।

Demat Account

जब भी आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं। तो वह कंपनी शेयर के रूप में आपको कंपनी में हिस्सेदारी देती है। आपको शेयर खरीदने के बाद भविष्य में निवेश किए हुए धनराशि से संबंधित कोई परेशानी न हो इसके लिए कंपनी प्रूफ के रूप में एक एग्रीमेंट बनाती है। जो डिजिटली रूप में निवेशक के पास एक अकाउंट में सुरक्षित स्टोर कर लिया जाता है इस अकाउंट को ही डीमेट अकाउंट कहा जाता हैं।

जब आप अपने शेयर को किसी व्यक्ति या कंपनी को बेचते हैं तब वह एग्रीमेंट उसके पास चला जाता है। इस प्रकार शेयर खरीदा या बेचा जाता है।

Trading Account

भारत की स्टॉक एक्सचेंजर BSE एवं NSE डायरेक्ट किसी कंपनी के शेयर खरीदते या बेचते नहीं है। इसके लिए कुछ है ब्रोकर प्लेटफार्म जैसे Angel Broking, Zerodha आदि मार्केट में उपलब्ध है। इन प्लेटफार्म पर जाकर हम किसी कंपनी के शेयर खरीद या बेच सकते हैं।

किसी ब्रोकर प्लेटफार्म पर अपने शेयर को खरीदने या बेचने के लिए जिस अकाउंट की आवश्यकता पड़ती है उसे ही हम ट्रेडिंग अकाउंट या ब्रोकर अकाउंट के नाम से जानते हैं।

किसी कंपनी के शेयर को खरीदने या बेचने की पूरी स्टेप

  • सबसे पहले आपको किसी ब्रोकर प्लेटफार्म जैसे Angel Broking, Zerodha आदि पर एक अकाउंट ओपन करना पड़ता है।
  • उसके बाद इस अकाउंट को अपने डिमैट अकाउंट से लिंक करना होता है।
  • अब डिमैट अकाउंट को अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा।
  • डिमैट अकाउंट में फंड ट्रांसफर करना होगा।

इसके बाद जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते या बेचते हैं तो आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट से कटकर ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से उस कंपनी के पास चला जाता है और शेयर का एग्रीमेंट आपके डीमैट अकाउंट में प्रूफ के तौर पर डिजिटल रूप में स्टोर हो जाता है।

शेयर मार्केट से पैसे कमाने के तरीके

शेयर मार्केट से पैसे कमाने के बहुत सारे तरीके हैं आइए कुछ लोकप्रिय तरीकों के बारे में जानते हैं-

  • शेयर की कीमत बढ़ने पर उसे बेचकर पैसे कमाए जा सकते हैं। यह तरीका सबसे ज्यादा लोकप्रिय तरीकों में से एक है।
  • जब कंपनी को प्रॉफिट होता है तो वह अपने निवेशकों को डिविडेंड के रूप में प्रॉफिट का कुछ हिस्सा देती है।
  • कभी-कभी कुछ कंपनियां अधिक प्रॉफिट होने पर अपने निवेशकों को शेयर के बदले कुछ बोनस भी देती है।
  • शेयर मार्केट में शॉर्ट टर्म (कम समय के लिए) सेलिंग करके भी पैसे कमाए जा सकते हैं।
  • शेयर बाजार के दूसरे विकल्पों (जैसे फ्यूचर मार्केट ट्रेडिंग, ऑप्शन मार्केट ट्रेडिंग) का प्रयोग करके भी पैसे कमाए जा सकते हैं।

ऊपर के लेख में आपने यह जान लिया कि किसी कंपनी का शेयर कैसे खरीदें? जब कोई व्यक्ति शेयर खरीदना और बेचना सीख जाता है तो उसके मन में सबसे बड़ा सवाल यह आता है की शेयर किस समय पर खरीदना चाहिए तो चलिए अब हम जानते हैं की किसी कंपनी का शेयर कब खरीदना चाहिए।

शेयर कब खरीदें?

स्टॉक मार्केट में किसी कंपनी के शेयर को खरीदने से पहले कुछ महत्वपूर्ण चीजों का ध्यान रखना चाहिए

  • किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उस कंपनी के बारे में उचित एवं गहरा रिसर्च जरूरी होता है।
  • उस कंपनी के पिछले कुछ सालों के प्रॉफिट और लॉस के इतिहास के बारे में जानकारी ले लें।
  • उस कंपनी की बचत और खर्च के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त करें।
  • उस कंपनी के वार्षिक कैश फ्लो स्टेटमेंट के बारे में पता लगा लेना चाहिए।
  • कंपनी की एनुअल एवं क्वार्टर बैलेंस शीट को अच्छे से समझे।
  • उस कंपनी के बारे में न्यूज़ वेबसाइट जैसे इकोनॉमिक्स टाइम्स, बीबीसी न्यूज़, आज तक आदि से जानकारी प्राप्त करें तथा रेगुलर अपडेट रहें।

अगर सही मायने में देखा जाए तो शेयर खरीदने का सही समय का पता आपके शेयर मार्केट के जानकारी और अनुभव पर निर्भर करता है। आप शेयर मार्केट में जैसे-जैसे निवेश करते जाएंगे वैसे वैसे आप का अनुभव बढ़ता जाएगा और आप अच्छे से अच्छे प्रॉफिटेबल शेयर खरीद पाएंगे।

Share Market Basic Details in Hindi

शेयर मार्केट में आए दिन बहुत सारे Scam होते रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति शेयर मार्केट में अपने पैसे गवा कर बर्बाद होता है तो इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उस व्यक्ति के पास जानकारी और अनुभव की कमी थी।

शेयर मार्केट में अगर आप पैसे कमाना चाहते हैं तो आपके पास अधिक मात्रा में धैर्य का होना बहुत आवश्यक है। नहीं तो आपको काफी पैसे का नुकसान होने की संभावना है।

मेरी राय में अगर आप Beginner के रूप में शेयर बाजार में कदम रखने जा रहे हैं तो पहले शेयर मार्केट से संबंधित सभी नियम और शर्तों के बारे में, शेयर मार्केट कैसे काम करता है, शेयर मार्केट के स्टॉक ऊपर नीचे कब आते जाते हैं इन सब फैक्टर के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त करें। उसके बाद ही शेयर मार्केट की दुनिया में कदम रखें। अगर आप बिना सही जानकारी के शेयर मार्केट में कदम रखते हैं तो कहीं ना कहीं यह आपके काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अगर आप स्टॉक मार्केट में  निवेश करने जा रहे हैं और आपके पास थोड़ी बहुत जानकारी  है तो आपने अवश्य ही इस दुनिया का सबसे अमीर निवेशक वारेन बफेट का नाम सुना होगा। इन्होंने अपनी सारी संपत्ति और धन शेयर बाजार में निवेश करके कमाया है। पिछले कुछ सालों से दुनिया के टॉप 5 अमीर इंसानों में से एक है।

शेयर बाजार में कितना रिस्क है?

कुछ लोगों का कहना है कि शेयर बाजार बहुत रिस्की है इसमें पैसा लगाने से लोग बर्बाद हो जाते हैं। इसमें इतना कृष की हैकिंग आपकी मेहनत से कमाया हुआ सारा धन सिर्फ 1 दिन में डूब सकता है। और आप पूरी तरह से बर्बाद हो सकते हैं।

इस बात में कोई शक नहीं है कि शेयर बाजार बहुत रिस्की है लेकिन शेयर बाजार उन लोगों के लिए बहुत ज्यादा रिस्की है, जो लोग बिना सही जानकारी लिए किसी कंपनी के शेयर में निवेश कर देते हैं।

उदाहरण के लिए मान लीजिए कुछ लोगों ने ₹100 प्रति शेयर के हिसाब से 10 दस हजार में 100 शेयर यह सोचकर खरीदा। की आज इस शेयर की कीमत ₹100 है आने वाले समय में ₹120 हो जाएगी और उन्हें प्रॉफिट हो जाएगा। और पता चलता है कि किसी कारणवश कंपनी के शेयर नीचे गिर गए तो जो शेयर ₹100 प्रति शेयर था उसकी कीमत कुछ कम हो जाएगी और निवेशक हो नुकसान सहना पड़ जायेगा।

इसलिए अगर आप Beginner हैं तो विश्वासपात्र स्टॉक एक्सचेंजर से किसी कंपनी में निवेश करें। इसके अलावा कभी भी किसी एक कंपनी किस शहर में अपना पूरा पैसा नहीं लगाना चाहिए उसे अलग-अलग कंपनियों के शेयर में बांट देना चाहिए।

शेयर मार्केट कैसे सीखे?

अगर आप शेयर मार्केट का सफर एक Beginner के रूप में शुरू करने वाले हैं और आने वाले समय में एक सफल निवेशक बनना चाहते हैं। और शेयर मार्केट से पैसे कमा कर अपने कैरियर को स्टेबल करना चाहते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको शेयर मार्केट के नियम एवं शर्तें , शेयर मार्केट को प्रभावित करने वाले कारक, आदि के बारे में सही और सटीक जानकारी लेने की आवश्यकता है।

शेयर बाजार को कहां से सीखें?

आज के आधुनिक युग में आप चाहे तो शेयर मार्केट की सही और सटीक जानकारी ब्लॉगिंग वेबसाइटों तथा बुक्स को पढ़कर, यूट्यूब के वीडियो देखकर तथा कुछ Online Courses करके भी ले सकते हैं।

मेरी राय में आपको एक निदेशक के रूप में सफल व्यक्ति माने जाने वाले वारेन बुफेट के द्वारा इन्वेस्टमेंट पर लिखी गई  ‘द इंटेलीजेंट इन्वेस्टर’ नामक बुक को पढ़ना चाहिए। यह बुक इन्वेस्टमेंट से संबंधित सभी प्रकार के प्रश्नों के जवाब एवं जानकारी देती है।

प्रश्न: शेयर बेचने पर कितना चार्ज लगता है?

उत्तर: शेयर मार्केट का चार्ज 0.05 लगता है तथा शेयर पर ब्रोकरेज चार्ज 0.05 लगता है इस प्रकार शेयर बेचने या खरीदने पर कुल 0.10 रुपए चार्ज लगता है।

प्रश्न: भारत में नंबर 1 शेयर बाजार कौन है?

उत्तर: भारत की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज सबसे बड़े शेयर बाजार के रूप में मानी जाती है।

प्रश्न: भारत में कौन सा शेयर सबसे ज्यादा रिटर्न देता है?

उत्तर: साल 2022 में बड़ौदा रेयान इंडस्ट्रीज सबसे बड़ा खरीदने वाला शेयर बना है और इसने इन्वेस्टर्स को सबसे ज्यादा रिटर्न भी दिया है।

प्रश्न: शेयर मार्केट में 1 दिन में कितना कमा सकते हैं

उत्तर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट किया है और कितना इन्वेस्ट किया है। यह उस कंपनी के प्रॉफिट पर भी निर्भर करता है क्योंकि अगर कंपनी ज्यादा प्रॉफिट कम आएगी तो आपको भी ज्यादा कीमत मिलेगी।

प्रश्न: शेयर कब खरीदे और कब बेचे?

उत्तर: सफल निवेशक वारेन बफेट के अनुसार जब पूरे शेयर मार्केट में निवेशक अपने-अपने शेयर को बेच रहे हो और शेयर मार्केट सामान्य से नीचे गिर गया हो, तब शेयर खरीदने चाहिए। और जब शेयर मार्केट में अधिक से अधिक निवेशक निवेश कर रहे हो और शेयर मार्केट सामान्य से काफी ऊपर हो गया हो, तब शेयर बेचने चाहिए।

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