रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं | Rasayanik abhikriya kise kahate hain

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नमस्कार दोस्तों, allhindi.co.in के एक नए लेख में आपका स्वागत है। आज की इस नए लेख में आप रसायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं तथा रसायनिक अभिक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके पिछले लेख में आपने रासायनिक समीकरण किसे कहते है?

रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं | Rasayanik abhikriya kise kahate hain?

रासायनिक अभिक्रिया: वह अभिक्रिया, जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ परस्पर अभिक्रिया करके अर्थात् पुनः व्यवस्थित होकर नए पदार्थ का निर्माण करते हैं एवं निर्मित पदार्थ के भौतिक व रासायनिक गुण मूल पदार्थों से सर्वथा भिन्न होते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।

उदाहरण–मैग्नीशियम धातु को वायु में जलाने पर मैग्नीशियम ऑक्साइड का सफेद चूर्ण प्राप्त होता है, जिसके भौतिक व रासायनिक गुण मैग्नीशियम धातु के गुणों से सर्वथा भिन्न होते हैं।

रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं
रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं

रासायनिक अभिक्रिया की पहचान

एक रासायनिक अभिक्रिया को निम्न प्रेक्षणों द्वारा पहचाना जा सकता है

  1. अवस्था में परिवर्तन
  2. रंग में परिवर्तन
  3. गैस का निकलना
  4. ताप में परिवर्तन
  5. अवक्षेप का निर्माण

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

रासायनिक अभिक्रियाएँ विभिन्न प्रकार की होती हैं, यद्यपि ये परस्पर भिन्न होती हैं परन्तु एक अभिक्रिया किसी एक विशिष्ट गुण के आधार पर कुछ अन्य अभिक्रियाओं से समानता दर्शा सकती है।इस गुण के आधार पर ही इन सभी अभिक्रियाओं को एक वर्ग विशेष में रखा जा सकता है। अतः किसी विशेष गुण के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाओं को निम्नलिखित प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है।

संयोजन अभिक्रिया:

वह रासायनिक अभिक्रिया, जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) संयोग करके एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है। इन अभिक्रियाओं में कोई भी सह-उत्पाद (By-product) नहीं बनता है।
(i) अमोनिया (NH) और हाइड्रोजन क्लोराइड (HCI) दोनों ही गैसीय यौगिक हैं। सम्पर्क में आने पर इनकी परस्पर क्रिया से अमोनियम क्लोराइड (NH, CI) का सफेद धुँआ बनता है। NH, + HCI NH CI अमोनिया हाइड्रोजन क्लोराइड अमोनियम क्लोराइड

वियोजन (अपघटन) अभिक्रियाएँ

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें यौगिक बाहा कारकों के प्रभाव द्वारा अपने अवयवी तत्वों या लघु यौगिकों में अपघटित हो जाता है, वियोजन अभिक्रियाएँ कहलाती है। ये अभिक्रियाएँ ऊष्मा, प्रकाश अथवा विद्युत द्वारा सम्पन्न होती है। इन अभिक्रियाओं में अभिक्रिया के कारण अर्थात् ऊष्मा, विद्युत या प्रकाश को हटा देने पर भी मूल पदार्थ प्राप्त नहीं होता है, अतः ये अभिक्रियाएँ अनुत्क्रमणीय होती है।

वियोजन अभिक्रियाएँ तीन प्रकार की होती है

  1. ऊष्मीय अपघटन (Thermal Decomposition)
  2. विद्युत अपघटन (Photolysis)
  3. प्रकाश अपघटन (Electrolysis or Electrolytic Decomposition)

विस्थापन या प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ

वह रासायनिक अभिक्रिया, जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व के यौगिक से उस तत्व के परमाणु को विस्थापित कर स्वयं उसका स्थान ग्रहण कर लेता है, प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

यह अभिक्रिया दो प्रकार की होती है।
(i) एकल विस्थापन अभिक्रिया
(ii) उभय अपघटन अभिक्रियाएँ

ऊष्माक्षेपी तथा ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ

सामान्यतया रासायनिक अभिक्रियाएँ ऊष्मा परिवर्तन के साथ सम्पन्न होती है। ऊष्मा परिवर्तन के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्नलिखित दो प्रकार की होती हैं

(i) ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ: वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा निर्मुक्त होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं। इनमें ऊष्मा की मात्रा को उत्पादों की ओर धन चिह्न (+) के साथ दर्शाया जाता है।
उदाहरण- ग्रेफाइट (जो कार्बन का एक अपररूप है) को वायु में जलाने पर निम्नलिखित अभिक्रिया होती है|

ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ: वे रासायनिक अभिक्रियाए जिनमे ऊष्मा का अवशोषण होता है| ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती है|

ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रियाएँ

ऑक्सीकरण अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमे किसी परमाणु, अणु, या आयन से इलेक्ट्रान पृथक होते है अर्थात् उसमे उसमे इलेक्ट्रानो की कमी होती है इस प्रकार के अभिक्रिया को ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते है|

अपचयन अभिक्रियाएँ: वह अभिक्रियाए जिसमे कोई परमाणु, अणु या आयन इलेक्ट्रानो को ग्रहण करता है या उसमे इलेक्ट्रानो की वृद्धि करता है ऐसे अभिक्रिया को अपचयन अभिक्रिया कहलाती है|

इस लेख के बारे में:

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