प्रत्यय किसे कहते हैं (परिभाषा, भेद और 40+ उदाहरण)

नमस्कार दोस्तों, Allhindi के इस नये लेख में आपका स्वागत हैं। आज की इस लेख में आप जानने वाले है की प्रत्यय किसे कहते हैं। प्रत्ययसे जुड़े बहुत सारे प्रश्न बोर्ड की परीक्षाओ में तथा प्रतियोगी परीक्षाओ में भी पूछे जाते हैं। और यदि आप प्रत्यय के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी जानना चाहते हैं तो आप इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़े।

प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रत्यय की परिभाषा: जो शब्दांश (वर्ण या अक्षर) किसी सार्थक शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, ऐसे शब्दांश को प्रत्यय कहते हैं। प्रत्यय का कोई भी अपना अर्थ नहीं होता हैं। आइये इन्हें कुछ उदाहरण के माध्यम से समझते हैं।

समाज का अर्थ समुदाय होता हैं जब इस शब्द के अंत में इक जोड़ दे तो यह सामाजिक बन जाता हैं सामाजिक का अर्थ का अर्थ होता है जो समाज में रहते हैं तो आपने देखा की वर्ण या अक्षर किसी सार्थक शब्द में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर दे रहा हैं।

प्रत्यय के भेद

प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रत्यय के भेद:- हिंदी में प्रत्यय के निम्नलिखित दो भेद होते हैं-

  1. कृत् प्रत्यय (क्रिया शब्दों में लगने वाले)
  2. तद्धित प्रत्यय (क्रिया से भिन्न शब्दों में लगने वाले) 

कृत प्रत्यय किसे कहते हैं

1.कृत् प्रत्यय: जो प्रत्यय क्रिया के मूल रूप (धातु) के अंत में जुड़कर नए शब्दों की रचना करते हैं, उन्हें कृत् प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:- रक्ष + अक = रक्षक
सज + आवट = सजावट

कृदंत प्रत्यय का शाब्दिक अर्थ:- कृदंत प्रत्यय का शाब्दिक अर्थ है- (कृत् + अंत)
कृदंत प्रत्यय:- कृत् प्रत्यय के योग से बने शब्दों को कृदंत कहते हैं।

कृत प्रत्यय के भेद

कृत् प्रत्यय निम्नलिखित पाँच प्रकार के होते हैं

  1. कर्तृवाचक
  2. कर्मवाचक
  3. करणवाचक
  4. भाववाचक
  5. क्रियावाचक

(क) कर्तृवाचक कृत् प्रत्यय:- कर्ता का बोध कराने वाले प्रत्यय को कर्तृवाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:-

कर्तृवाचक कृत् प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आड़ीखेलखिलाड़ी आदि।
अकरक्ष, पालरक्षक, पालक आदि।
वालारख, देरखवाला, देनेवाला आदि।
हारपालन, होनापालनहार, होनहार आदि।
बिक, चल, ऊबबिकाऊ, चलाऊ, उबाऊ आदि।

(ख) कर्मवाचक कृत् प्रत्यय:- कर्म का बोध कराने वाले प्रत्यय को कर्मवाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:-

कर्मवाचक कृत् प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आनामिल, टिक, मिटमिलाना, टिकाना, मिटाना
औनाबिछ, खेलबिछौना, खिलौना
नापका, जलापकाना, जलाना
नीभील, सूंघ, ओढ़भीलनी, सूंघनी, ओढ़नी
हुआलिख, देखलिखा हुआ, देखा हुआ

(ग) करणवाचक कृत् प्रत्यय:- करण अर्थात् साधन का बोध कराने वाले प्रत्यय को करणवाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:-

करणवाचक कृत् प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
अनझाड़, ढकझाड़न, ढक्कन
झूल, घेर, ठेलझूला, घेरा, ठेला
फाँस, रेतफाँसी, रेती
नीमथ, चटमथनी, चटनी
झाड़, पीझाड़ू, प्याऊ

(घ) भाववाचक कृत् प्रत्यय:- क्रिया के भाव का बोध कराने वाले प्रत्यय को भाववाचक कृत् प्रत्यय कहतें हैं।
उदाहरण:-

भाववाचक कृत् प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आहटघबरा, चिल्लाघबराहट, चिल्लाहट
आईलड़, लिख, चढ़लड़ाई लिखाई, चढ़ाई
आवटरुका, बना, सजारुकावट, बनावट, सजावट
आवाछल, भूल, दिखछलावा, भुलावा, दिखावा
औतीफेर, मनफिरौती, मनौती

(ङ) क्रियावाचक कृत् प्रत्यय:- क्रिया का बोध कराने वाले प्रत्यय को क्रियावाचक कृत् प्रत्यय कहतें हैं।
उदाहरण:-

क्रियावाचक कृत् प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
अनीयप्रशंस, निंदप्रशंसनीय, निंदनीय
चल, हँस, सोचचला, हँसा, सोचा
आलुश्रद्धा, कृपा, दयाश्रद्धालु कृपालु, दयालु
एरालूट, घूमलुटेरा, घूमेरा
यापी, गा, खा, सोपीया, गाया, खाया, सोया

तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं

तद्धित प्रत्यय: जो प्रत्यय किसी संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण के अंत मे जुड़कर नयें शब्दों की रचना करते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:- खट्टा + आस = खटास
मानव + ता = मानवता

तद्धित प्रत्यय के कितने भेद हैं

तद्धित प्रत्यय के निम्नलिखित 8 भेद होते हैं।

  1. कर्तृवाचक
  2. गुणवाचक
  3. भाववाचक
  4. स्त्रीलिंगवाचक
  5. संबंधवाचक
  6. स्थानवाचक
  7. लघुतावाचक
  8. संख्यावाचक

(क) कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय:- कर्ता का बोध कराने वाले प्रत्यय को, कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।
उदाहरण:-

कर्तृवाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आरलोहा, सोनाखटास, मिठास
आरीभीखभिखारी
इयामुख, रसोईमुखिया, रसोइया
कारचित्र, कलाचित्रकार, कलाकार
गरबाजी, जादूबाजीगर, जादूगर

(ख) गुणवाचक तद्धित प्रत्यय:- किसी गुण या भाव का बोध कराने वाले प्रत्यय को, गुणवाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।उदाहरण:-

गुणवाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
अंतदुख, सुखदुखांत, सुखांत
इलस्नेह, स्वप्नस्नेहिल, स्वप्निल
ऐलाविषविषैला
मानबुद्धिबुद्धिमान
वानधन, रूपधनवान, रूपवान

(ग) भाववाचक तद्धित प्रत्यय:- किसी भाव या अवस्था का बोध कराने वाले प्रत्यय को, भाववाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।
उदाहरण:-

भाववाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आसखट्टा, मीठाखटास, मिठास
आपामोटा, बूढ़ामोटापा, बुढ़ापा
आईभला, चतुरभलाई, चतुराई
इमालाल, महालालिमा, महिमा
त्वपशु, प्रभुपशुत्व, प्रभुत्व

(घ) स्त्रीलिंगवाचक तद्धित प्रत्यय:- स्त्री का बोध कराने वाले प्रत्यय को, संबंधवाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।उदाहरण:-

स्त्रीलिंगवाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
सुत, छात्रसुता, छात्रा
आनीनौकर, जेठनौकरानी, जेठानी
इयाचूहा, बुढ़ाचुहिया, बुढ़िया
बेटा, मामाबेटी, मामी
नीऊँट, मोरऊँटनी, मोरनी

(ङ) संबंधवाचक तद्धित प्रत्यय:- संबंध का बोध कराने वाले प्रत्यय को, स्त्रीलिंगवाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।उदाहरण:-

संबंधवाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
आल/हालससुर, नानीससुराल, ननिहाल
इकनीति, धर्मनैतिक, धार्मिक
पंजाब, गुजरातपंजाबी, गुजराती
एराचाचा, मौसाचचेरा, मौसेरा
औतीबापबपौती

(च) स्थानवाचक तद्धित प्रत्यय:- स्थान का बोध कराने वाले प्रत्यय को, स्थानवाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।उदाहरण:-

स्थानवाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
बिहार, पंजाब, बनारसबिहारी, पंजाबी, बनारसी आदि।
वालासूरत, कानपुरसूरत वाला, कानपुर वाला आदि।
इयाजयपुर, मुंबईजयपुरिया, मुंबइया आदि।

(छ) लघुतावाचक तद्धित प्रत्यय:- छोटी वस्तुओं का बोध कराने वाले प्रत्यय को, लघुतावाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।उदाहरण:-

लघुतावाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
टोकरा, रस्साटोकरी, रस्सी
ओलाखाट, साँपखटोला, सँपोला
चीसंदूकसंदूकची
रीकोठा, छाताकोठरी, छतरी
ड़ी/ड़ापंख, मुखपंखुड़ी, मुखड़ा

(ज) संख्यावाचक तद्धित प्रत्यय:- संख्या का बोध कराने वाले प्रत्यय को, संख्यावाचक तद्धित प्रत्यय कहतें हैं।
उदाहरण:-

संख्यावाचक तद्धित प्रत्ययमूल शब्दकृदंत प्रत्यय/निर्मित शब्द
ठाछहछठा
पहलपहला
वांदस, बत्तीसदशवां, बत्तीसवां
सराएक, तीनदूसरा, तीसरा
अरादो, तीनइकहरा, तिहरा

आगत प्रत्यय किसे कहते हैं

आगत प्रत्ययकी परिभाषा: अरबी, उर्दू आदि के प्रत्ययों को आगत प्रत्यय कहतें हैं।

प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रश्न: तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं

उत्तर: जो प्रत्यय किसी संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण के अंत मे जुड़कर नयें शब्दों की रचना करते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।

प्रश्न:तद्धित प्रत्यय के कितने भेद हैं

उत्तर: तद्धित प्रत्यय के निम्नलिखित 8 भेद होते हैं।
कर्तृवाचक
गुणवाचक
भाववाचक
स्त्रीलिंगवाचक
संबंधवाचक
स्थानवाचक
लघुतावाचक
संख्यावाचक

प्रश्न: कृत प्रत्यय के कितने भेद होते हैं

उत्तर: कृत् प्रत्यय निम्नलिखित पाँच प्रकार के होते हैं।
कर्तृवाचक
कर्मवाचक
करणवाचक
भाववाचक
क्रियावाचक

इससे सम्बंधित लेख: उपसर्ग किसे कहते हैं

इस लेख के बारे में:

यदि आपको यह पोस्ट (प्रत्यय किसे कहते हैं ) अच्छा लगा तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भेजकर हमारा मनोबल बढ़ा सकते है। यदि आपको इस लेख में कोई भी परिभाषा को समझने में दिक्कत होती है या आपको नहीं समझ मे आते है। तो आप नीचे Comment में अपनी confusion लिख सकते है। मै जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब दूंगा। धन्यवाद! इस पूरे पोस्ट को पढ़ने के लिए और अपना कीमती समय देने के लिए आप सभी का धन्यवाद! आपका दिन शुभ हो!

Leave a Comment