नेपियर घास की खेती कैसे करे | Napier Ghas ki Kheti Kaise kare [पूरी जानकरी]

नमस्कार दोस्तों, आज कि इस लेख में आप नेपियर घास की खेती [ Napier Ghas ki Kheti ] के बारे में जानेंगे। पशु के चारे के लिए हम बहुत सारे फसल को उगाते हैं उनमें से एक मुख्य फसल नेपियर घास के रूप में जानी जाती है। नेपियर घास की खेती मुख्यत: पशु आहार के लिए की जाती है। यह एक बहुवर्षीय फसल है। पशु पालने वाले व्यक्ति अपने पशुओं को अच्छा चारा खिलाने के लिए इसकी खेती करते हैं। नेपियर घास की खेती कैसे करे [ Napier Ghas ki Kheti Kaise kare ] इस विषय पर पूरी जानकारी इस लेख में आपको दी जाएगी।

Napier Ghas ki kheti kaise karen| नेपियर घास की खेती कैसे करें।

नेपियर घास की खेती कैसे करे [ Napier Ghas ki Kheti Kaise kare ]

  • इस घास की रोपाई करने के लिए आपको अपने खेतों में गहरी जुताई करानी पड़ेगी गहरी जुताई करने के बाद आप खेतों को समतल कर ले।
  • समतल करने के बाद आप उस खेत में या सड़ी हुई कंपोस्ट मिला दे तथा इसके बाद आप खेतों में पानी चलाएं। जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाएगी।
  • इसके बाद नेपियर घास के बीजों को हर 3 फीट की दूरी पर रोपाई करें।
  • एक बार उपाय करने के बाद हर 40 से 50 दिन के बाद आपको ताजा घास के उत्पादन मिलेगी।
  • ऐसा पाया गया है कि प्रत्येक 1 एकड़ खेत में नेपियर घास की बुवाई करने पर कम से कम 300 से 400 कुंटल तक नेपियर घास चारे के रूप में प्राप्त हो सकता है।
  • पूरी जानकरी के लिए नीचे स्क्रॉल कर पढ़े।

नेपियर घास क्या है? [ Napier Ghas Kya Hai]

नेपियर घास एक प्रकार की फसल है जो पशुओं को चारा खिलाने के लिए उगाया जाता है इनकी पत्तियां बड़ी बड़ी होती है और यह बहुवर्षीय फसल है। यह फसल ईख के समान होती हैं| इन फसलो में बहुतायत मात्र में प्रोतिएँ पाई जाती हैं जिससे दुधारू पशुओ ज्यादा दूध का उत्पादन कर पाते हैं।

नेपियर घास के फायदे: [ Napier Ghas Ke Fayde]

घास की खेती करने से पूरे वर्ष आपको पशुओं के लिए चारा मिलता रहेगा। इस घास में प्रोटीन पाई जाती है इसकी पत्तियों में 9.30 तथा इसके तनु में 4.40% प्रोटीन प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है।

नेपियर घास की उत्पत्ति [ Napier Ghas Ki Utpati]

इस घास का वैज्ञानिक नाम या वनस्पतिक नाम पेनिस एटम पर प्योरियम है। पहली बार दक्षिणी अमेरिका में पाया गया था। इसका नामकरण कर्नल नेपियर के नाम पर हुआ है। कर्नल नेपियर ने सन उन्नीस सौ एक में रोड़ेसिया सरकार का ध्यान चारे के महत्व की ओर खींचा था। सन 1912 में भारत में भी इसकी खेती होने लगी यह घास कुछ राज्यों में उगाए जाते हैं जिनके नाम नीचे टेबल में लिखे गए हैं।

पैदावार के लिए उपयुक्त जलवायु एवं भूमि [ Napier Ki Paidawar]

इस फसल को अलग-अलग प्रकार की भूमि में भी उगाया जा सकता है लेकिन इस फसल के लिए सबसे अच्छी भूमि दोमट एवं बलुई दोमट भूमि हैं। ऐसी जगह जहां पर जल का अत्यधिक जमाव होता हो उन जगहों पर इनकी खेती नहीं की जा सकती है।अच्छी पैदावार के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यह फसल गर्म जलवायु वाले राज्यो के साथ साथ ठंड जलवायु वाले राज्यों में भी की जा सकती है।

मिश्रित खेती या अंतर्वती खेती [ Napier Ki Mishrit Kheti]

नेपियर घास एक 12 महीने उगने वाली फसल है जिसे एक बार बोने से लगातार कम से कम 3 से 4 वर्षों तक फसल दे सकती है। सर्दियों में इस घास की बढ़ने की गति (नंबर से मार्च) धीमी हो जाती है, इसलिए दूसरे विकल्प के तौर पर फलीदार चारा बर्सिम तथा लोबिया की बुवाई भी करनी चाहिए। जिससे पशुओं के लिए चारा हर समय उपलब्ध हो।

फसल की बुवाई करने के लिए खेत की तैयारी: [ Napier Ki Buwai]

नेपियर घास की बुवाई करने से पहले खेत को अच्छी तरह से तैयार कर लेना चाहिए। खेत की तैयारी बहुत हद तक पिछली फसल पर भी निर्भर करती है। गहरी जुताई तथा हैरो द्वारा मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। इस घास की बुवाई करने से पहले खेत को समतल करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखें कि खेत में खरपतवार बिल्कुल भी ना हो।

इस घास की बुवाई इसके तने के टुकड़े या जरदार तने से  किया जाता है, घास में बीजों का बन्ना थोड़ा कठिन होता है। दोनों में दो या तीन गांठ हो उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना चाहिए। ठंड के समय में इसके तनों को काटने के बाद इन टुकड़ों को 15 से 20 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

खाद और उर्वरक [ Napier Ki khad]

इस घास की अच्छी पैदावार के लिए अधिक खाद की जरूरत पड़ती है। तिथि एक हेक्टेयर में 125 से 150 कुंतल गोबर की सड़ी हुई खाद तथा 50 से 60 किलोग्राम नत्रजन 40 किलोग्राम पोटाश तथा 60 किलोग्राम इस फोर बुवाई करते समय डालना चाहिए। इसके बाद प्रतिक कटान कम से कम 30 किलोग्राम नत्रजन कटाई के तुरंत बाद डालने से उपज में वृद्धि होती है। नत्रजन का प्रयोग करने से पौधों में वृद्धि तेज हो जाती है तथा इसके प्रयोग से प्रोटीन की मात्रा फसलों में बढ़ जाती है।

सिंचाई तथा जल निकालने का प्रबंध [ Napier Fasal Ki Sinchai]

खेतों में जल को निकालने का उचित प्रबंध आवश्यक होता है। पानी भरे खेतों में पौधे सड़ जाते हैं तथा सड़ कर मर जाते हैं। गर्मी के मौसम में तथा सर्दियों के मौसम में फसल को सीखने की जरूरत पड़ती है। गर्मियों के मौसम में मार्च से जून तक 10 से 12 दिनों के अंतराल पर फसलों की सिंचाई करनी चाहिए तथा सर्दियों के मौसम में 10 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। नेपियर घास के फसलों को काटने के बाद सिंचाई करनी चाहिए ऐसा करने से पौधों में वृद्धि तेज और अच्छी होती है तथा उपज में बढ़ोतरी होती है।

फसलों की सुरक्षा [ Napier Ghas Ki Suraksha ]

शुरुआत में, नेपियर घास में खरपतवार की समस्या रहती है। इस समय फसल को निराई गुड़ाई करने से खरपतवार की समस्या समाप्त हो जाती है। इस प्रकार के फसलों में किसी प्रकार की कीड़े नहीं लगते हैं लेकिन कई बार टिडडो का आक्रमण हो सकता है। टिड्डो से बचाव के लिए किसी भी रासायनिक रासायनिक छिड़काव का प्रयोग ना करें क्योंकि इस फसल को पशुओं को खिलाना होता है।

कटाई प्रबंधन [ Napier Ghas ki Katai]

इस फसल को बोने के बाद 70 से 80 दिनों के अंतराल पर इसकी कटाई की जा सकती है। इस समय के दौरान पौधे की ऊंचाई 1.5 मीटर तक हो चुकी होती है।

नेपियर घास के बीज ऑनलाइन [ Napier Ghas Ke Beej Online ]

आप नेपियर घास के बीज ऑनलाइन भी खर्रेड सकते हैं। आपकी सुविधा के लिए बेहतर नेपियर घास के बीज का लिंक दिया जा चुका हैं। आप नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके देख सकते हैं।

निष्कर्ष:

उम्मीद करता हूं कि मेरे द्वारा लिखी गई आप पोस्ट आपको पसंद आई होगी तथा नेपियर घास की खेती कैसे करनी है  इससे संबंधित आपके सारे प्रश्नों के जवाब इस लेख में आपको मिल गए होंगे। यदि इस लेख को पढ़ने के बाद भी नेपियर घास की खेती से जुड़े कोई सवाल यह सुझाव हो तो आप हमें नीचे कमेंट कर सकते हैं। आपके सवालों के जवाब हम अवश्य देंगे। इस लेख को पढ़ने के लिए अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका धन्यवाद।

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नेपियर घास से जुड़े कुछ प्रश्न:

प्रश्न: नेपियर घास की बुवाई कब की जाती है?

उत्तर: नेपियर घास एक बहुवर्षीय फसल होने के कारण आप इसकी बुवाई कभी भी कर सकते हैं लेकिन मार्च के बाद इसकी बुवाई करने से फसल तेजी से बढ़ते हैं।

प्रश्न: नेपियर घास में कितना प्रोटीन होता है?

उत्तर: नेपियर घास की पत्तियों में 9.30 तथा इसके तनु में 4.40% प्रोटीन प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है।

प्रश्न: नेपियर घास की सबसे अच्छी किस्म कौन सी है?

उत्तर: नेपियर संकरा बीज

प्रश्न: नेपियर घास का बीज कहां मिलेगा?

उत्तर: इस लेख में आपको लिंक दे दिया गया है जिससे आप नेपियर घास को खरीद सकते हैं या फिर आप किसी स्टोर से भी ले सकते हैं।

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