एफडी क्या होता है | FD Kya Hota Hai

आज के इस महंगाई के दौर में धन की बचत करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो गया है। कुछ लोगों कमाते तो बहुत ज्यादा है लेकिन बचत नहीं हो पाता है। लोग पैसे बचाने के लिए अलग-अलग तरीकों का उपयोग करते हैं इन्हीं तरीकों में से एक तरीका बैंक में एफडी करना होता है तो आइए जानते हैं एफडी के बारे में-

FD Kya Hota Hai
FD Kya Hota Hai

एफडी क्या होता है? ( FD Kya Hota Hai )

एफडी पैसे बचत करने का सबसे आसान तरीका है। एफडी में निवेश सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक है। इसमें निवेशक के फंड को एक निश्चित अवधि के लिए निर्धारित ब्याज दर पर निवेश किया जाता है। और जब एफडी मैच्योर हो जाता है तो निर्धारित ब्याज दर के आधार पर जमा किए गए राशि पर ब्याज दिया जाता है। निवेशकों को अन्य बचत खातों की तुलना में एफडी में ज्यादा ब्याज मिलता है।

एफडी में निवेश करने वाले निवेशक को इस बात की जानकारी पहले ही दे दी जाती है, कि एफडी कितने अवधि के लिए फिक्स किया जा रहा है और एफडी मेच्योर होने पर कितना प्रतिशत ब्याज के रूप में आपको लाभ मिलेगा।

एफडी कितने प्रकार के होते हैं? (FD Kitne Prakar Ke Hote Hai)

Regular FD

आमतौर पर यह एफडी प्रत्येक बैंक के द्वारा किया जाता है। इसमें ब्याज दर भी बहुत कम मिलता है।

TDR (Term Deposit Receipt)

इस एफडी में निवेशक के फंड का ब्याज Monthly, Quarterly, Half Yearly या Yearly उसके सेविंग अकाउंट में भेज दिया जाता है।इसे FDR (Fixed Deposit Receipt) भी कहते हैं।

STDR (Special Term Deposit Receipt)

इस एफडी में निवेशक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर Quarterly ब्याज मिलता है। परंतु यह ब्याज निवेशक निकाल नहीं सकता है क्योंकि यह ब्याज एफडी के मैच्योर होने के बाद मूलधन के साथ मिलता है।

इसे Interest Re-invested FD या Cumulative Mode FD भी कहते है।

Tax Saving FD

इस एफडी की मिनिमम अवधि 5 साल या उससे अधिक होती है। इस एफडी पर आपको डेढ़ लाख पर टैक्स की छूट मिलती है।

Senior Citizen FD

यह एफडी केवल 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए होती है। इस एफडी पर नॉर्मल एफडी की तुलना में अधिक ब्याज दर मिलता है।

Corporate FD

यह एफडी केवल कंपनियों के लिए होता है क्योंकि इसमें ब्याज दर बहुत ज्यादा होता है। अगर आपके पास अधिक मात्रा में फंड उपलब्ध है तो आप कॉरपोरेट एफडी में फिक्स डिपाजिट करके लाभ ले सकते हैं।

Flexi FD

एफडी के दृष्टिकोण से यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस एफडी को निवेशक के बचत खाता के साथ लिंक किया जाता है। यह तय करता है कि उसके बचत खाता में कितना धन फिक्स रहेगा और उसके ऊपर का कितना धन फ्लेक्सी अकाउंट में जाएगा।

उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने अपने बचत खाता को अपने फ्लेक्सी अकाउंट से जोड़ दिया और आपने अपने बचत खाते के लिए यह लिमिट सेट की, कि सिर्फ ₹40000 ही मेरे बचत खाते में रहना चाहिए। तो जब भी आपके बचत खाता में ₹40000 से अधिक होगा वह अधिक पैसा ऑटोमेटिक फ्लेक्सी अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।

अब मान लीजिए आपके अकाउंट में पहले से ₹40000 है और कहीं से ₹20000 आ गए तो आपके अकाउंट में टोटल बैलेंस ₹60000 हो गए, इस अवस्था में आपके अकाउंट में ₹40000 छोड़कर बाकी पैसे ऑटोमेटिक फ्लेक्सी अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।

मान लीजिए आपको किसी आवश्यक कार्य के लिए ₹50000 की आवश्यकता है और आपके अकाउंट में ₹40000 ही हैं उस अवस्था में आप अपने फ्लेक्सी अकाउंट का चेक 40000 के साथ बैंक में जमा करेंगे तो आपको पूरे ₹50000 दे दिए जाएंगे।

NRI के लिए कौन-कौन से एफडी है? ( NRI Ke liye Kaun Kaun Se FD Hain )

NRI के लिए दो तरफ के एफडी होते हैं-

  • NRE FD (Non-Resident External Fix Deposit)
  • NRO FD (Non-Resident Ordinary Fix Deposit)

Non-Resident External Fix Deposit

यह एफडी उन NRI के लिए होता है जो विदेश में रहकर विदेशी करेंसी कमा रहे हैं, और उसे इंडियन करेंसी में बदलकर इंडिया में एफडी करना चाहते हैं। इस एफडी सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह 100% टैक्स फ्री होता है।

इस एफडी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह विदेशी करेंसी के अनुसार घटती बढ़ती रहती है।

Non-Resident Ordinary Fix Deposit)

यह एफडी उन NRI के लिए होता है जो विदेश में रहकर इंडियन करेंसी में कमाई करते हैं, और इंडिया में एफडी करना चाहते हैं। इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें विदेशी करेंसी के अनुसार उतार चढ़ाव नहीं होता है।

इस एफडी का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि इस एफडी पर आपको 30% टैक्स देना पड़ता है।

एफडी के फायदे क्या है? ( FD Ke Fayde Kya Hai )

एफडी कराने से निवेशक को बहुत सारे फायदे होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

इमरजेंसी कैश विड्रॉल: किसी भी बैंक में एफडी कराने के बाद बैंक आपको किसी भी समय इमरजेंसी कैश विड्रोल की सुविधा देती है। इसके लिए आपको कुछ चार्ज देना पड़ता है। मतलब आपके एफडी में कुछ प्रतिशत की कटौती कर ली जाती है।

निश्चित रिटर्न: एफडी पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि एफडी में पैसे को पहले से ही निर्धारित ब्याज दर पर एक निश्चित अवधि के लिए निवेश किया जाता है। एफडी में निवेश पर निश्चित रूप में रिटर्न मिलता ही मिलता है।

रिस्क फ्री: एफडी में निवेश पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। इसमें निवेश पर किसी प्रकार का जोखिम नहीं होता है।

एफडी के कई अन्य ऑप्शन: निवेशक को एफडी में निवेश के लिए बहुत सारे ऑप्शन मिलते हैं। इसमें निवेशक अपने पास रखे हुए पैसे तथा के अनुसार समयावधि एफडी करा सकते हैं। आमतौर पर एफडी 7 दिन से लेकर 10 साल या उससे अधिक अवधि के लिए कराई जा सकती है।

इमरजेंसी लोन: एफडी कराने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि धन की आवश्यकता पड़ने पर निवेशक अपने जमा किए हुए एफडी के स्थान पर लोन ले सकता है। निवेशक जितने रुपए की एफडी करता है उस एफडी का लगभग 90% भाग लोन के रूप में आसानी से मिल सकता है। एचडी के बदले में मिलने वाले लोन पर ब्याज दर एफडी से 1% अधिक होता है।

जनरल अकाउंट की तुलना में अधिक ब्याज दर: निवेशकों के द्वारा फिक्स डिपॉजिट में निवेश किए गए पैसों पर अन्य साधारण खातों की अपेक्षा अधिक ब्याज दर मिलता है।

एफडी के नुकसान क्या है? ( FD Ke Nuksan Kya Hai )

एचडी के बहुत से नुकसान होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

कम रिटर्न: म्यूच्यूअल फंड और शेयर मार्केट की तुलना में एफडी में कम रिटर्न मिलता है, क्योंकि इसमें ब्याज की दर पहले से ही निर्धारित होती है।

रिइन्वेस्टमेंट: अगर आपने एफडी में निवेश किया है और एफडी के मैच्योर होने पर कैश विड्रोल के बाद फिर रिइन्वेस्टमेंट की सोच रहे हैं, तो बाजार में चल रहे वर्तमान ब्याज दर के बारे में जानकारी ले लें। अगर मान लीजिए वर्तमान में बाजार में ब्याज दर कम है, तो आपके रिइन्वेस्टमेंट में नुकसान हो सकता है।

निश्चित अमाउंट ही सुरक्षित: आमतौर पर एफडी में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, परंतु निवेशक के द्वारा एफडी में निवेश किए हुए पूरे पैसे सुरक्षित नहीं रहते हैं। क्योंकि जब कोई बैंक किया फाइनेंस कंपनी दिवालिया हो जाती है तो एफडी में निवेश किए हुए सिर्फ पांच लाख या उससे कम की धनराशि ही सुरक्षित मानी जाती है।

एफडी विड्रॉल पर पेनल्टी: अगर निवेशक को किसी आवश्यक कार्य के लिए पैसों की जरूरत है, और वह अपने फिक्स डिपाजिट को मैच्योर होने से पहले ही कैश के रूप में बदलता है। तो बैंक उस इमरजेंसी एफडी विड्रोल पर जुर्माना लगाता है और कुल पैसे का कुछ फीसदी भाग की कटौती कर लेता है।

बैंक में एफडी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज ( Bank Me FD Karne Ke Liye Avashyak Dastavej )

  • पहचान प्रमाण पत्र: पहचान प्रमाण पत्र के लिए आप आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि का प्रयोग कर सकते हैं।
  • निवास प्रमाण पत्र: निवास प्रमाण पत्र के लिए आप आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग कर सकते हैं। क्योंकि यह दोनों तरह के प्रमाण पत्र के रूप में प्रयोग किए जा सकते हैं।
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

बैंक में एफडी कैसे करें? ( Bank Me FD Kaise Kare )

सबसे पहले आप जिस भी बैंक में एफडी करना चाहते हैं, उस बैंक में आपका एक अकाउंट होना चाहिए।

वर्तमान में किसी भी बैंक में एफडी करने के 2 तरीके उपलब्ध है-

  • ऑनलाइन
  • ऑफलाइन

बैंक में ऑनलाइन एफडी कैसे करें? ( Bank Me Online FD Kaise Kare )

बैंक में ऑनलाइन एफडी करने के लिए नीचे कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए जा रहे हैं-

  • सबसे पहले आपको उस बैंक का एप्लीकेशन अपने मोबाइल फोन में इंस्टॉल करना होगा।
  • अब उस एप्लीकेशन में अपने बैंक अकाउंट से लॉग इन करना होगा। अगर आपके पास उस बैंक से संबंधित अकाउंट नहीं है तो आप उस ऐप की मदद से ऑनलाइन अकाउंट खोल सकते हैं।
  • एप्लीकेशन में लॉग इन होने के बाद एफडी पर क्लिक करके उसमें डिटेल भरना होगा, कि आप किस तरह का एफडी और कितने अवधि के लिए करना चाहते हैं।
  • डिटेल भरने के बाद बैंक उसे वेरीफाई करता है और बैंक द्वारा अप्रूवल मिलने के बाद पर आपका एफडी खाता चालू हो जाता है।

बैंक में ऑफलाइन एफडी कैसे करें? ( Bank Me Offline FD Kaise Kare )

इसके लिए आपको आवश्यक दस्तावेज के साथ बैंक में जाकर एफडी से संबंधित अधिकारी से मिलना होता है। इसमें एचडी की पूरी प्रक्रिया संबंधित अधिकारी के द्वारा ही पूर्ण किया जाता है।

प्रश्न: एफडी कितने साल में डबल होती हैं

उत्तर: बैंक एफडी से पैसे कैसे कमाते हैं

प्रश्न: एफडी का फुल फॉर्म क्या होता है?

उत्तर: एफडी का फुल फॉर्म फिक्स्ड डिपॉजिट होता है।

प्रश्न: एफडी का मतलब क्या होता है?

उत्तर: एफडी का हिंदी अर्थ सावधि जमा खाता होता है।

प्रश्न: एफडी कितने रुपए से शुरू होती है?

उत्तर: एफडी ₹1000 के न्यूनतम धनराशि से शुरू होती है।

प्रश्न: एफडी में कितना पैसा जमा कर सकते हैं?

उत्तर: एफडी में अधिकतम पैसा जमा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है यह आपके पास उपलब्ध धनराशि के ऊपर निर्भर करता है कि आप कितना पैसा जमा कर सकते हैं।

प्रश्न: एफडी के लिए कौन सा सरकारी बैंक सबसे अच्छा है?

उत्तर: भारतीय स्टेट बैंक क्योंकि यह 7.50% की उच्चतम ब्याज दर देती है।

प्रश्न: कौन सा बैंक एफडी पर सबसे ज्यादा ब्याज देता है

उत्तर: यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों को 9% की उच्चतम ब्याज दर देता है।

प्रश्न: समय से पहले एफडी तोड़ने से क्या होता है?

उत्तर: अगर आप एफडी के मैच्योर होने से पहले एफडी विड्रोल करते हैं, तो आपको 0.5% से 1% तक का चार्ज देना पड़ सकता है।

प्रश्न: एफडी तोड़ने पर कितना जुर्माना है?

उत्तर: अगर आपने किसी बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया है और किसी आवश्यक कार्य के लिए आप एफडी को तोड़ते हैं तो बैंक उस राशि पर लगभग 0.5% से 1% तक जुर्माना लगाती है।

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