बीजीय व्यंजक क्या है?

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आज की इस लेख में आपको पूर्णांक संख्या के बारे में बताया है। इस लेख के अंतर्गत आप बीजीय व्यंजक क्या है और इनसे जुड़ी सभी के बारे में विस्तृत तरीके से जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

बीजीय व्यंजक क्या है?

बीजीय व्यंजक क्या है?

बीजीय व्यंजक:- कोई चर या अचर संख्या अथवा इनका मौलिक गणितीय संक्रियाओं के चिन्हों (+, -, ×, ÷ आदि) से युक्त संख्याओं का समूह, बीजीय व्यंजक कहलाता है। उदाहरणार्थ:- 𝒙 + 𝒚, 2𝒙 – 5𝒚

व्यंजकों के पद या पद:- किसी आंकिक संख्या या अक्षर संख्या या इनके गुणनफल या भागफल को पद कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 3𝒙 – 2𝒚 में उपस्थित पदों की संख्या = 2 (प्रथम=3𝒙, द्वितीय= -2𝒚)

पद के गुणांक:- किसी बीजीय व्यंजक के पद को गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखते हैं इनमें से एक गुणनखंड संख्यात्मक हो सकता है तथा अन्य बीजीय हो सकते हैं।

उदाहरणार्थ:- 4𝒙3 मे 4 संख्यात्मक गुणांक है तथा 𝒙3 बीजीय गुणनखंड है।

संख्यात्मक गुणांक:- किसी पद में संख्याओं या अंकीय गुणनखंड को, संख्यात्मक गुणांक कहते हैं

उदाहरणार्थ:- 5𝒙2𝒚 मे 5 एक संख्यात्मक गुणांक है।

बीजीय गुणांक:- किसी पद में संख्याओं या अंकीय गुणनखंड को छोड़कर शेष बीजीय गुणनखंड को, बीजीय गुणांक कहते हैं

उदाहरणार्थ:-  7𝒙3𝒚2𝒛 मे 𝒙3𝒚2𝒛  बीजीय गुणांक है।

पद क्या है?

समान या सजातीय पद:- जिन पदों के बीजीय गुणनखंड तथा अक्षर संख्याओं के घातांक आपस में समान होते हैं, उन्हें समान या सजातीय पद कहते हैं। जबकि उनके संख्यात्मक गुणांक अलग-अलग हो सकते हैं।

उदाहरणार्थ:- 3𝒙2𝒚 – 5𝒛 + 𝒙2𝒚 – 1 मे 3𝒙2𝒚 और 𝒙2𝒚 सजातीय पद है।

महत्वपूर्ण बिंदु:- सजातीय पदों को आपस में जोड़कर सरल किया जा सकता है।

असमान या विजातीय पद:- जिन पदों के बीजीय गुणनखंड आपस में समान नहीं होते हैं, उन्हें असमान या विजातीय पद कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 𝒙3 + 3𝒚2 – 𝒛 मे तीनों ही पद असमान है।

महत्वपूर्ण बिंदु:-1. असमान या विजातीय पदों को जोड़कर सरल नहीं किया जा सकता है।

2. समान पद और और असमान पद को जानने के लिए गुणांकों पर ध्यान ना देकर केवल पद के बीजीय भाग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

व्यंजकों की घात

व्यंजकों की घात: किसी भी व्यंजक की घात एक ऋणेत्तर पूर्णांक होती है। साथ ही साथ व्यंजक की घात उस व्यंजक मे प्रयुक्त चर की उच्चतम घात होती है। अर्थात व्यंजक में पदों की भी घात होती है।

उदाहरणार्थ:- बीजीय व्यंजक 4𝒙2+3𝒙+1 मे व्यंजक की उच्चतम घात 2 है, जबकि पदों 4𝒙2, 3𝒙, 1 की घात क्रमशः 2,1 तथा 0 है।

एकपदीय:- जिन व्यंजकों में एक पद होता है उन्हें एकपदीय व्यंजक कहते है।

उदाहरणार्थ:- 4𝒙3𝒚

द्विपदीय:- जिन व्यंजकों में 2 पद होते हैं उन्हें द्विपद या द्विपदीय व्यंजक कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 2𝒙2 𝒚 + 𝒚𝒛

त्रिपदीय:- जिन व्यंजकों में 3 पद होते हैं, उन्हें त्रिपद व्यंजक कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 3𝒙3 – 5𝒚2 + 𝒛

बहुपद:- जिन व्यंजकों में दो या दो से अधिक पद होते हैं, उन्हें बहुपद कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 𝒙3 – 6𝒚2 + 3𝒛 + 4

महत्वपूर्ण बिंदु:- द्विपद तथा त्रिपद व्यंजक भी विशेष प्रकार के बहुपद व्यंजक है।

बीजगणितीय व्यंजकों का जोड़-घटाना:- हम सभी जानते हैं कि केवल सजातीय पदों को जोड़ा या घटाया जा सकता है।

बीजगणितीय व्यंजकों को जोड़ने या घटाने के लिए निम्नलिखित दो विधियां प्रयोग में लाई जाती हैं-

  1. पंक्ति विधि
  2. स्तंभ विधि

पंक्ति विधि:- इस विधि मे, दिए हुए व्यंजकों को एक पंक्ति में लिखा जाता है, तत्पश्चात सजातीय पदों को साथ-साथ लिखकर चिन्ह सहित जोड़ या घटा दिया जाता है जोड़ने या घटाने की इस विधि को, पंक्ति विधि कहते हैं।

पंक्ति विधि को क्षैतिज विधि भी कहा जाता है।

उदाहरणार्थ:- 8𝒙2𝒚 + 3𝒛2 – 5𝒚𝒛 + 7 मे से -2𝒙2𝒚 + 6𝒛2 – 3𝒚𝒛 + 1 को घटाइए।

हल:- (8𝒙2𝒚 + 3𝒛2 – 5𝒚𝒛 + 7) – (-2𝒙2𝒚 + 6𝒛2 – 3𝒚𝒛 + 1)

      = 8𝒙2𝒚 + 3𝒛2 – 5𝒚𝒛 + 7 + 2𝒙2𝒚 – 6𝒛2 + 3𝒚𝒛 – 1

      = 8𝒙2𝒚 + 2𝒙2𝒚 + 3𝒛2 – 6𝒛2 – 5𝒚𝒛 + 3𝒚𝒛 + 7 – 1

      = 6𝒙2𝒚 – 3𝒛2 – 2𝒚𝒛 + 6

स्तंभ विधि:- इस विधि में, दिए हुए व्यंजकों को इस प्रकार लिखा जाता है कि सजातीय पद चिन्हों के साथ-साथ एक दूसरे के ठीक नीचे हो, तत्पश्चात उन्हें चिन्ह सहित जोड़ या घटा लिया जाता है, इस विधि को स्तम्भ विधि कहते हैं।

उदाहरणार्थ:- 2𝒙2 + 4𝒚2 – 7𝒙𝒚 मे से  -𝒙2 + 3𝒚2 + 𝒙𝒚 को जोड़िए।

हल:- 2𝒙2 + 4𝒚2 – 7𝒙𝒚

         -𝒙2 + 3𝒚2 + 𝒙𝒚

+ ________________

         𝒙2 + 7𝒚2 – 6𝒙𝒚

   —————————

बीजगणितीय व्यंजकों का जोड़: दो या दो से अधिक समान पदों का योग एक समान पद होता है, जिसका संख्यात्मक गुणांक सभी समान पदों के गुणांकों के योग के बराबर होता है।

उदाहरणार्थ:- 11𝒙𝒚 + 3𝒙𝒚 = (11+3)𝒙𝒚 = 14𝒙𝒚

बीजगणितीय व्यंजकों का घटाना:- दो या दो से अधिक समान पदों का अंतर भी एक समान पद होता है, जिसका संख्यात्मक गुणांक सभी समान पदों के गुणांकों के अंतर के बराबर होता है।

उदाहरणार्थ:- 8𝒙𝒚 – 5𝒙𝒚 = (8-5)𝒙𝒚 = 3𝒙𝒚

कोष्ठकों का प्रयोग ( Uses of Brackets)

कोष्ठकों का प्रयोग:- जब किसी कथन में कई घटना क्रम मिलकर एक संयुक्त घटना बनाते हैं तो इस प्रकार के प्रत्येक कथन को एक दूसरे से जोड़ने या समूहबद्ध करने के लिए विभिन्न प्रकार के कोष्ठकों का प्रयोग करते हैं।

प्रायः सर्वप्रथम रेखा कोष्ठक एवं छोटे कोष्ठक (–) को सबसे अंदर, फिर मंझला कोष्ठक { } तथा अंत में बड़ा कोष्ठक [ ] लगाते हैं।

कोष्ठकों को प्रयोग करने की विधि:-

  1. कोष्ठक को खोलते समय कोष्ठक के बाहर ‘+’ का चिन्ह हो, तो कोष्ठक के भीतर के पदों के चिन्ह नही बदलते हैं।
  2. यदि कोष्ठक के बाहर ऋण ‘-’ चिह्न हो, तो कोष्ठक खोलने पर उसके पदों के चिन्ह बदल दिए जाते हैं।
  3. यदि किसी व्यंजक में एक से अधिक कोष्ठकों का प्रयोग हुआ हो, तो हम सबसे भीतर वाले कोष्ठक को पहले खोलते हैं और उसके भीतर के पदों को सरल कर लेते है। यही क्रिया सभी कोष्ठकों को हटाने तक करते रहते हैं।
  4. दो या दो से अधिक कोष्ठकों के बीच यदि कोई चिन्ह न हो, तो वहां गुणा का चिन्ह मानते हैं।

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