डेट फंड क्या होता है? ( Debt Fund Kya Hota Hai )

आज के इस लेख में हम जानेंगे की डेट फंड क्या होता है?, डेट फंड के फायदे और नुकसान क्या है?, डेट फंड कितने प्रकार के होते हैं?, फंड और इक्विटी फंड में क्या अंतर है?, सही डेट फंड कैसे चुनें? तो आइए इस लेख की शुरुआत करते है-

डेट फंड क्या होता है? ( Debt Fund Kya Hota Hai )

डेट फंड म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक श्रेणी है। इसमें निवेशक बैंक की फिक्स डिपॉजिट या फिर दूसरी छोटी सेविंग स्कीम के बदले सरकारी सिक्योरिटी, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, ट्रेजरी बिल्स आदि सुरक्षित जगहों पर निवेश करते हैं।

किसी डेट म्यूचुअल फंड के साथ यह अनिवार्य शर्त है कि नहीं उस फंड का कम से कम 65% पैसा गवर्नमेंट बॉन्ड्स, कारपोरेट फिक्स डिपाजिट में निवेश किया जाना चाहिए। और बचे हुए शेष पैसे को इक्विटी शेयर में निवेश किया जाना चाहिए।

डेट फंड उन लोगों द्वारा ज्यादा पसंद किया जाता है, जो कम जोखिम वाले स्थिर आय की तलाश में रहते हैं।

डेट फंड कैसे काम करते हैं? ( Debt Fund Kaise Kam Karte Hai )

डेट फंड म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक इनडायरेक्ट तरीका है। अन्य म्यूच्यूअल फंड की तरह डेट फंड भी निवेशकों के द्वारा निवेश किए हुए पैसों का एक समूह होता है, जिसे फंड मैनेजर के द्वारा किसी कंपनी के शेयर, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज एंड बॉन्ड, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन या बैंकिंग इंस्ट्रूमेंट को खरीदने में निवेश किया जाता है।

इन सभी शेयर, बॉन्ड और इंस्ट्रूमेंट से प्राप्त रिटर्न को निवेशकों के प्रति यूनिट के आधार पर बांट दिया जाता है।

डेट फंड कितने प्रकार के होते हैं? ( Debt Fund Kitne Prakar Ke Hote Hai )

डेट म्युचुअल फंड अलग- अलग प्रकार के होते हैं। 6 अक्टूबर 2017 को सेबी ने डेट म्युचुअल फंड से संबंधित 17 नई और व्यापक श्रेणियां एवं उप-श्रेणियां पेश की है। जो नीचे दिए जा रहे हैं-

लॉन्ग ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 7 साल से अधिक की होती है।

मीडियम टू लोंग ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 4 से 7 साल के बीच में होती है।

एडवर्स सिचुएशन (बेकार स्थिति) में इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 1 से 4 साल की जा सकती है।

मीडियम ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि  3 से 4 साल के बीच में होती है।

एडवर्स सिचुएशन (बेकार स्थिति) में इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 1 से 2 साल की जा सकती है।

शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 1 से 3 साल के बीच में होती है।

मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 1 साल तक हो सकती है।

लो ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 6 महीने से 12 महीने के बीच होती है।

अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड: इस फंड की औसत मैच्योरिटी अवधि 3 महीने से 6 महीने के बीच होती है।

लिक्विड फंड अगर आप अपने पैसे को किसी छोटी अवधि वाले म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो लिक्विड फंड आपके लिए सही है। निवेशकों का यह सबसे पसंदीदा म्यूच्यूअल फंड है क्योंकि इसकी औसत मैच्योरिटी 91 दिन का होता है। इसमें जोखिम भी कम होता है।

ओवरनाइट यह सबसे छोटी अवधि वाला म्यूच्यूअल फंड है क्योंकि इसकी औसतन मेच्योरिटी अवधि केवल 1 दिन होती है।

डायनेमिक बॉन्ड फंड यह इक्विटी में फ्लेक्सी कैप फंड की तरह होते हैं इसमें कोई सीमित या फिक्स अवधि नहीं होती है।

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड इस तरह के फंड में 80% पैसा का निवेश बड़ी-बड़ी A++ या उससे अधिक रेटिंग वाले कॉरपोरेट कंपनियों में किया जाता है। यहां पर निवेश ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

क्रेडिट रिस्क फंड इस तरह के फंड में 65% पैसे का निवेश बड़ी-बड़ी A++ रेटिंग वाले कारपोरेट कंपनियों में किया जाता है 10 शेष बचे 35% पैसे को A++ से कम रेटिंग वाले कंपनियों में किया जाता है। कॉरपोरेट बॉन्ड फंड की तुलना इनके निवेश ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।

बैंकिंग एंड पीएसीयू डेट फंड इस तरह के फंड में 80% पैसे का निवेश सरकारी या प्राइवेट बैंकिंग, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, पीएसीयू या मुंसिपल बॉन्ड में किया जाता है।

फ्लोटर डेट फंड इस तरह के फंड में 65% पैसे का निवेश फ्लोटिंग रेट से संबंधित इंस्ट्रूमेंट के ऊपर किया जाता है।

गिल्ट फंड इस तरह के फंड में 80% पैसे का निवेश गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में किया जाता है।

गिल्ट फंड विद 10 ईयर कांस्टेंट ड्यूरेशन इस तरह के फंड में 80% पैसे का निवेश गवर्नमेंट के उन बॉन्ड में किया जाता है जिनके मिनिमम अवधि 10 साल की होती है।

फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान (FMP) इस तरह के फंड में निवेश एक प्रीडिफाइन अवधि के लिए होती है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी कंपनी ने एक FMP लॉन्च की

जिसकी औसत मैच्योरिटी अवधि 256 दिन की है। तो इस फिक्स मेच्योरिटी प्लान में निवेश करने वाले निवेशक को 256 दिन के बाद इसकी लिक्विडिटी मिल जाती है।

डेट फंड के फायदे क्या है? ( Debt Fund Ke Fayde Kya Hai )

स्टेबलाइज फंड

हम तौर पर देखा जाए तो डेट फंड में रिटर्न हमेशा एक जैसा रहता है। डेट फंड पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई खास असर नहीं पड़ता है, क्योंकि यह हमेशा एक जैसा स्थिर रहता है।

फिक्स्ड रिटर्न

डेट फंड ज्यादातर गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है, जो निश्चित ब्याज देते हैं जिसके कारण निवेशक को अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

कम फीस

इक्विटी फंड और म्यूचुअल फंड की तुलना में डेट फंड में कम पैसे निवेश किए जा सकते हैं। और अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। इसलिए यह लोगों का पसंदीदा और सबसे लोकप्रिय है।

लिक्विडिटी

डेट फंड अच्छा रिटर्न देने के लिए जाना जाता है। इसमें लिक्विडिटी की कोई भी समस्या नहीं होती है मतलब आप जब चाहे अपना पैसा निकाल सकते हैं। इसमें आवेदन के 1 दिन के अंदर आपके खाते में पैसा आ जाता है। डेट फंड को लिक्विड फंड भी कहा जाता है।

लो रिस्क बेस्ट रिटर्न

अगर आप डेट फंड में निवेश करते हैं तो भविष्य में आपको या बेहतर रिटर्न देगा क्योंकि म्यूच्यूअल फंड की कैटेगरी में डेट फंड में निवेश सबसे ज्यादा फायदे वाला सौदा माना जाता है। फिक्स डिपाजिट के तुलना में डेट म्यूचुअल फंड ज्यादा रिटर्न देता है।

डेट फंड के नुकसान क्या है? ( Debt Fund Ke Nuksan Kya Hai )

क्रेडिट रिस्क

कभी-कभी ऐसा होता है कि फंड मैनेजर जिस कंपनी में फंड को निवेश करता है वह कंपनी दिवालिया हो जाती है या कुछ अन्य कारणों से क्रेडिट ली गई पैसे चुका नहीं पाती है, इस अवस्था में निवेशकों का अधिक मात्रा में नुकसान होता है।

सरचार्ज

डेट फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को कंपनी के द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बदले में कुछ सरचार्ज (अतिरिक्त कटौती) लिया जाता है। जिसके कारण डेट फंड के रिटर्न में कमी आ जाती है।

लो रिटर्न

कभी-कभी जब मार्केट में ब्याज दर में गिरावट आती है या किसी कारणवश अर्थव्यवस्था में कमी आती है, तो इन अवस्थाओं में डेट फंड निवेशकों को अच्छा रिटर्न नहीं दे पाते हैं। कभी-कभी तो यह निवेशकों को एफडी से भी कम रिटर्न देने लगते हैं।

डेट फंड और एफडी में क्या अंतर है? (Debt Fund Aur FD Me Kya Antar Hai )

एफडीडेट फंड
एफडी सुनिश्चित रिटर्न देता है।जबकि डेट फंड अधिक रिटर्न भी दे सकता हैं।
एफडी में निवेश सुरक्षित है।जबकि डेट फंड में निवेश थोड़ा रिस्की है।
एफडी में कम ब्याज दर मिलता है।जबकि डेट फंड में अधिक ब्याज दर मिलता है।
एफडी में एक निश्चित अवधि के लिए निवेश किया जाता है।जबकि डेट फंड में शॉर्ट टर्म ओर लोंग टर्म दोनों में निवेश किया जा सकता है।
एफडी को बीच में तोड़ा नहीं जा सकता है मतलब उसे लिक्विडिटी नहीं किया जा सकता।जबकि डेट फंड में आप जब चाहे अपने निवेश को लिक्विडिटी कर सकते हैं।

डेट फंड और इक्विटी फंड में क्या अंतर है? ( Debt Fund Aur Equity Fund Me Kya Antar Hai )

इक्विटी फंडडेट फंड
इक्विटी फंड का निवेश आमतौर पर इक्विटी शेयर में किया जाता है।जबकि डेट फंड का निवेश गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, कॉरपोरेट बॉन्ड्स में किया जाता है।
इक्विटी फंड ज्यादा अस्थिर होने के कारण इसमें रिस्क ज्यादा होता है।जबकि डेट फंड कम अस्थिर होने के कारण इसमें रिस्क भी कम होता है।
इक्विटी फंड ज्यादा रिस्की होने के साथ ज्यादा रिटर्न भी देता है।जबकि डेट फंड इक्विटी फंड की तुलना में कम रिटर्न देता है।

डेट फंड एक्सपेंस रेशियों ( Debt Fund Expense Ratio )

अगर आप डेट फंड में निवेश करने जा रहे हैं तो आपको डेट फंड एक्सपेंस रेशों के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए। डेट फंड एक्सपेंस रेशों एक बहुत ही महत्वपूर्ण शुल्क होता है जो एसेट मैनेजमेंट कंपनीयों (AMC) के द्वारा फंड मैनेजमेंट फीस के रूप में वसूली जाती हैं।

सेबी ने डेट फंड के ऊपर फंड मैनेजमेंट फीस के रूप में अधिकतम औ2.25% एक्सपेंस रेशियो की सीमा रखी है।

डेट फंड कितने सुरक्षित हैं? ( Debt Fund Kitne Surakshit )

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस डेट फंड में निवेश कर रहे हैं। इक्विटी फंड के तुलना में डेट फंड में काफी कम रिस्क होता है। अगर आप हाई रेट वाले कारपोरेट बॉन्ड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज एंड बॉन्ड्स निवेश करते हैं तो उसमें बहुत कम रिस्क होता है, क्योंकि यह सारी बड़ी कंपनियां अपना ऋण चुका देती है।

मार्केट में ऐसे भी बहुत सारे लो क्वालिटी बॉन्ड्स उपलब्ध है जो ब्याज दर अधिक ऑफर करती हैं। परंतु इन बॉन्ड्स में रिस्क भी ज्यादा होता है।

डेट फंड में कौन निवेश कर सकता है? ( Debt Fund Me Kaun Nivesh Kar Sakta Hai )

  • डेट फंड उन निवेशकों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है जो कम रिस्क लेकर अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं। ऐसे लोग 3 से 4 साल के बीच वाले डेट म्यूचुअल फंड निवेश का विकल्प चुन सकते हैं।
  • डेट फंड उन निवेशकों के लिए भी है जो अस्थिर इक्विटी फंड में निवेश नहीं करना चाहते हैं। क्योंकि डेट फंड निवेश यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक का पैसा सुरक्षित साधनों में निवेश किया गया है।
  • जो निवेशक फिक्स डिपाजिट की तरह दूसरे वैकल्पिक निवेश की तलाश कर रहे हैं, जिसमें कम अवधि में ज्यादा लिक्विडिटी के साथ रिटर्न मिलता है तो वह लोग डेट फंड में निवेश कर सकते हैं।

डेट फंड में निवेश क्यों करना चाहिए? ( Debt Fund Me Nivesh Kyo Karna Chahiye )

  • डेट फंड में निवेशक किसी भी समय है अपने निवेश किए हुए पैसे को आवश्यकतानुसार निकाल सकता है और शेष धन को निवेश कर सकता है।
  • एफडी के बाद डेट फंड नियमित आय उत्पन्न करने वाला एक अच्छा निवेश माना जाता है।
  • अगर आप केवल कुछ समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेट फंड एक सही विकल्प है।
  • आमतौर पर डेट फंड गवर्नमेंट सिक्योरिटीज और कॉरपोरेट बॉन्ड्स में निवेश करता है जिससे इसमें रिस्क भी कम हो जाता है।

सही डेट फंड कैसे चुनें? ( Sahi Debt Fund Kaise Chune )

अगर आप डेट फंड में निवेश करना चाहते हैं और आप इस बात से कंफ्यूज हैं कि आपके लिए कौन सा डेट फंड सही होगा? तो इसके लिए नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर सही डेट फंड चुन सकते हैं-

आर्थिक उद्देश्य

निवेशक को अपने आर्थिक उद्देश्य के आधार पर डेट फंड को चुनना चाहिए। अगर आप अपने पास रखें पैसों को शॉर्ट टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं तो लिक्विड फंड आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

अगर आप शिक्षा, विवाह, मकान आदि को बनाने के लिए निवेश करना चाहते हैं, आप लॉन्ग टर्म विकल्प को चुन सकते हैं।

एक्सपेंस रेशियो

इक्विटी म्युचुअल फंड की तुलना में डेट फंड कम रिटर्न देते हैं। इसलिए हमें ऐसे डेट म्युचुअल फंड में निवेश करना चाहिए जिसमें एक्सपेंस रेशों कम हो और फंड को मैनेज करने के लिए अतिरिक्त शुल्क ना लगता हो।

रिस्क कैपेबिलिटी

डेट फंड पूरी तरह से रिस्क मुक्त नहीं है। इसमें भी ब्याज दर जोखिम शामिल है। जैसे मान लीजिए अगर कोई कंपनी दिवालिया हो गई या उसके पास निवेशकों के पैसे को वापस करने के लिए फंड नहीं है, तो इस अवस्था में निवेशक को नुकसान हो सकता है। इसलिए डेट फंड में कम रिस्क वाले फंड में निवेश करना चाहिए।

इन्वेस्टमेंट ड्यूरेशन

अगर आप 3 महीने से 6 महीने के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आप अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन में निवेश कर सकते हैं अगर आप 1 साल से 3 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आप शॉर्ट ड्यूरेशन में निवेश कर सकते हैं और अगर आप इससे अधिक समय तक निवेश करना चाहते हैं तो अन्य दूसरे डेट फंड भी उपलब्ध है।

टॉप 10 डेट म्यूचुअल फंड ( Top 10 Debt Mutual Fund )

  • UTI Bond Fund
  • ICICI Prudential Bond Fund
  • Nippon India Income Fund
  • Bharat Bond Fund April 2030
  • SBI Magnum Income Fund
  • UTI Banking And PSU Debt Fund
  • ICICI Prudential Short Term Fund
  • Aditya Birla Sun Life Medium Term Fund
  • SBI Magnum Constant Maturity Fund
  • ICICI Prudential Medium Term Bond Fund

प्रश्न: डेट फंड कितना रिटर्न देते हैं?

उत्तर: डेड फंड आमतौर पर 7% से 8% का रिटर्न ऑफर करते हैं। परंतु यह मार्केट के ब्याज दर पर निर्भर करता है अगर मार्केट में ब्याज दर अधिक है तो रिटर्न अधिक मिलेगा। और मार्केट में ब्याज दर कम है तो कम रिटर्न मिलेगा।

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