कछुआ क्या खाता है

कछुआ क्या खाता है और क्या पीता है घर में कछुआ कैसे पाले? जिन्दा कछुआ घर में कहाँ रखे? कछुआ कितने दिनों तक भूखा रह सकता है? कछुआ खाना नहीं खा रहा है तो क्या करें? इस तरह के बहुत सारे सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिल जाएंगे।

नमस्कार दोस्तों, allhindi.co.in में आप सभी का स्वागत है। आज कि इस लेख में आप जानेंगे की कछुआ के बारे में जैसे की कछुआ क्या खाता है, क्या पीता है इस तरह की रोचक जानकारी आप जानेंगे।

कछुआ क्या खाता है | kachhua kya khata hai

कछुआ-क्या-खाता-है

कछुआ प्राय: दो प्रकार की होती है: शाकाहारी और मांसहारी। शाकाहारी कछुआ प्रायः फल और सब्जियों को खाता है। और मांसहारी कछुआ प्रायः कीड़े मकोड़ों, को खाता है।

इस पृथ्वी पर बहुत सारे जीव जन्तु रहते है। इनमे से कई जीव जन्तु ऐसे थे जों समय और कुछ कारणों की वजह से इस पृथ्वी से विलुप्त हो गए। लेकिन कुछ जीव ऐसे भी है जो सदियों से इस पृथ्वी पर अपना अस्तित्व बनाए हुए है। आज की इस लेख में हम उन्ही जीवों में से एक जीव के बारे में बात करेंगे।

कछुआ एक ऐसा जीव होता है जो की काफी शांत और शर्मिला होता है। और ये जीव सदियों से अपना अस्तित्व बनाए रखने में सफल है।आज की इस लेख में हम आपको कछुए के बारे में कुछ जानकारी और रोचक तथ्य के बारे में बात करेंगे। कछुओं की कुछ प्रजातियां जमीन पर रहती है और कुछ प्रजातियाँ जल में रहती है। कछुए में कई प्रजातियां ऐसी भी है जो जल और थल दोनों में रह सकती हैं।

कछुआ कितने प्रकार का होता है

जो कछुए जमीन पर रहते है वे कछुए शाकाहारी होते हैं। और जल में रहने वाले कछुए मांसाहारी होते हैं। दो कछुओं की प्रजाति विश्व की सबसे पुरानी जीवित प्रजातियों में से एक मानी जाती है। समय के साथ इसकी कई प्रजातियां अस्तित्व में आई और विलुप्त हो गई। कछुओं की सबसे पहली प्रजातियां आज से 15.7 करोड़ वर्ष पहले उत्पन्न हुई थी।

यह सबसे प्राचीन स्तनधारी प्रजातियां में से एक है। कछुओं का शरीर खड़े डिब्बे जैसे आवरण से ढका रहता है। इस कड़े आवरण खोल को कपड़ा कहा जाता है।कछुओं के मुंह में दांत नहीं होते बल्कि एक तीखी प्लीज जैसा हड्डी का पाठ होता है जो भोजन चबाने में इनकी सहायता करता है। कछुए आसानी से रात के अंधेरे में देख लेते हैं, रंगों को देख सकते हैं और पराबैंगनी किरणों से लेकर लाल रंग तक को देख सकते हैं।

इस संसार में लगभग 327  अलग अलग प्रकार के कछुए हैं। जिसमें सबसे बड़ा समुद्री कछुआ सामान्य चमक अच्छा होता है। समुद्री कछुआ लगभग 8 फुट लंबा और 30 ट न भारी होता है। कछुए ज्यादा से ज्यादा आधा किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकते हैं। कछुए की कई जातियां विलुप्त हो चुकी है, लेकिन 327 आज भी अस्तित्व में है। इनमें से कई जातियां खतरे में है और उनका संरक्षण करना एक चिंता का विषय है।

कछुए को सबसे ज्यादा जिंदा रहने वाला प्राणी माना जाता है। इसकी उम्र 300 साल से अधिक होती है। कछुए का कवच बहुत ही ज्यादा मजबूत होता है। इसका विकास समय के साथ मौसम की कठिन परिस्थितियों में जमीन के नीचे रहने के दौरान उनकी सुरक्षा करने के लिए विकसित हुआ है। कछुए खतरा होने पर अपने सिर और पैर को सिकोड़कर कवच के अंदर छुपा लेते है। कछुए ठंडे खून वाले जीव होते है इसी वजह से ठंड के समय में इनका शरीर जम जाता है और यह शीत निंद्रा में चले जाते हैं।

यदि कछुआ कुछ दिनों तक ना खाए तो कोई भी व्यक्ति ज्यादा परेशान न हो। कछुआ दो से तीन महीने तक बिना खाए भी रह सकता है। उसके बाद यह आप लोग कुछ दिन देने के बाद आप लोगों को आटे की गोली में जो टर्टल फूड मिल कर दे सकते है।

यह सबसे प्राचीन स्तनधारी प्रजातियां में से एक है। कछुओं का शरीर खड़े डिब्बे जैसे आवरण से ढका रहता है। इस कड़े आवरण खोल को कपड़ा कहा जाता है।कछुओं के मुंह में दांत नहीं होते बल्कि एक तीखी प्लीज जैसा हड्डी का पाठ होता है जो भोजन चबाने में इनकी सहायता करता है। कछुए आसानी से रात के अंधेरे में देख लेते हैं, रंगों को देख सकते हैं और पराबैंगनी किरणों से लेकर लाल रंग तक को देख सकते हैं।

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इस लेख में आपने जाना की कछुआ क्या खाता है? उम्मीद करता हूँ की आपको ये लेख पसंद आया होगा। अगर आपको इस लेख के प्रति कोई सवाल या सुझाव हो तो कृपया कर अपना सुझाव हमारे साथ साझा करे।

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